समायोजन रद्द होने के सात वर्ष पूर्ण होने पर जताई नाराजगी
नौ अगस्त को जिले में धरना-प्रदर्शन करने की दी चेतावनी
फतेहपुर, मो. शमशाद । आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय निर्देश पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्पूर्ण जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांध कर काला दिवस मनाकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध दर्ज किया। जिलाध्यक्ष विजय सिंह गौर ने बताया कि 25 जुलाई 2017 को सरकार की लचर पैरवी के कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 लाख 24 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया। आज की यह तारीख शिक्षामित्रों के लिए काल बनकर आईं। इस आदेश से सवा लाख शिक्षा मित्र परिवारों का सपना चकना चूर हो गया। इस आदेश से लगभग दस हजार शिक्षामित्र असमय काल के गाल में समा गए। कुछ लोग हृदय हींज, आत्म हत्या, और सदमे में अपनी जान गवां दिया। आज उस क्रूर आदेश से आहत होकर शहीद हुए शिक्षामित्रों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इन
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| काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते शिक्षामित्र। |
दसियों हजार शहीदों की मृत्यु पर न तो सरकार ने और न ही कोई सरकार का चुना गया। जनप्रतिनिधि कोई शोक संवेदना तक व्यक्त नहीं किया गया। इतनी जिद्दी, हठी और निर्दयी सरकार पहली बार हम लोगों ने देखा है। समायोजन रद्द होने के सात वर्ष पूर्ण हो गए मंहगाई कितनी बढ़ गई लेकिन एक रुपए इस सरकार ने मानदेय नहीं बढ़ाया। शिक्षामित्र दो वक्त की रोटी नहीं खा पा रहा है और बीमार होने पर अपने बच्चों का इलाज करा पा रहे हैं। सरकार शिक्षामित्रों के परिवार पर रहम करे और उन्हें भी कुछ ऐसा कर दे जिससे उनके परिवार का भी भरण पोषण हो सके। यदि समय रहते सरकार नहीं चेती तो नौ अगस्त को जिले में विशाल धरना प्रदर्शन कर मुख्य्मंत्री को ज्ञापन भेजा जायेगा। यदि एक माह के अन्दर जायज मांगों पर विचार नहीं होता तो पांच सितंबर से लखनऊ में घेरा डालो डेरा डालो का अनिश्चित कालीन आन्दोलन किया जायेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही सरकार की होगी।


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