पहले डीओ ने छापामार कार्यवाई होने की बात स्वीकारी,अब काट रहे कन्नी
लाखों लेकर मुख्य आरोपी को छोड़ा
लालच देकर अन्य पर मढ़ा आरोप,कम माल दिखाकर अधिकारियों को किया गुमराह
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । आबकारी विभाग की मिली भगत से धर्मनगरी में रात-दिन वैध-अवैध रूप से देशी विदेशी शराब बेची जा रही है। मुख्यालय समेत गांव गली में चाय-पान की गुमटी और किराने की दुकानों में खुलेआम सभी ब्रांडों की शराब बिकती है।विभाग के दीवान और यहां के अधिकारी इतना शातिर हैं कि उच्चाधिकारियों तक को गुमराह करने से बाज नही आए। अभी ताजा मामला मुख्यालय के शंकर बाजार का बताया गया।जानकारी के अनुसार शंकर बाजार स्थित कंपोजिट शराब दुकान के ठीक सामने एक किराने की दुकान और चक्की से विभाग की मिली भगत से लम्बे अर्से से प्रत्येक ब्रांड की देशी विदेशी शराब सरकारी दुकान के खुलने के पहले और बंद होने के बाद बेची जाती है।इसकी जानकारी होने पर जिले के बड़े अफसरों ने आबकारी विभाग को जमकर फटकार लगाते हुए तत्काल छापामार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गहरी नींद से जागे आबकारी विभाग ने आनन फानन में 14 अगस्त की देर रात्रि तीन गाड़ियों से पहुंचकर अवैध शराब विक्रेता की गल्ला मंडी गेट के बगल से अहिरन पुरवा को निकले रास्ते पर किराए की गोदाम से करीब 52 पेटी देशी, विदेशी अवैध शराब पकड़ी गई। सूत्र बताते हैं कि अवैध रूप से किराने की दुकान से शराब बेचने वाले आरोपी को दीवान के माध्यम से लाखों की सौदेबाजी कर छोड़ दिया गया और कुछ लालच देकर अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाकर हल्का माल दिखाकर उच्चाधिकारियों को गुमराह किया गया।इस सम्बन्ध में आबकारी अधिकारी से बात की गई,पहले तो उन्होंने कुछ बताने से इंकार किया।जब उनसे 70 पेटी माल बरामद होने की बात पूछी गई,थोड़ा झिझके फ़िर कहा इतना नहीं कुछ बरामदगी हुई है,पूरी जानकारी शाम को देंगे,इसके बाद फोन नहीं रिसीव किया।जबकि नाम न छापने की शर्त पर आस पास के लोगों ने भारी मात्रा में शराब पकड़े जाने की बात बताई।सवाल ये है कि भारी भरकम पकड़ी गई अवैध शराब जमीन पी गई या आसमान।


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