दिगंबर जैन चैत्यालय में किए जा रहे प्रवचन
बांदा, के एस दुबे । दिगंबर जैन चैत्यालय में सुधा दीदी ने प्रवचन करते हुए कहा कि उत्तम सत्य धर्म व्यक्ति को सभी प्रकार के झूठ, कपट, भय और लोभ से मुक्त करता है, जिससे उसे मानसिक शांति और आनंद प्राप्त होता है. यह सत्य ही सभी सद्गुणों का आधार है। छोटी बाजार स्थित जैन चैत्यालय मे प्रवचन करते हुए ब्रह्मचारिणी दीदी सुधा बहन जी ने बताया कि द्स् लक्षण पर्व या पर्यूषण पर्व के दस गुणों मे सत्य धर्म भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। कठिन बचन मत् बोल ,परनिन्दा अस झूठ तज। सांच जवाहर खोल , सतवादी जग में सुखी। कर्कश शब्द, झूठ, असत्य बोलने से बचे ।क्योंकि असत्य बोलने पर झूठ पर झूठ बोलना पड़ता है बहुत सोचना पड़ता है, डर बना रहता है लेकिन सत्य वचन में कोई झूठ नहीं बोलना पड़ता कोई भय नहीं होता ओर सत्य बोलने वाला हमेशा सुखी रहता
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| प्रवचन करती हुईं सुधा दीदी। |
है साथ ही कहां कि ऐसे सत्य वचन भी ना बोले की किसी की जान चली जाए ऐसे में स्व विवेक से निर्णय करना चाहिए । सत्यनिष्ठ व्यक्ति को समाज में मान्यता, मान् सम्मान और प्यार मिलता है. सत्य धर्म से तात्पर्य सिर्फ सत्य वचन बोलना ही नहीं है। सत्य धर्म और सत्य वचन दोनों भिन्न-भिन्न हैं। झूठ नहीं बोलना, जैसा देखा-सुना-जाना वैसा बोलने को सत्य कहा जाता है। आत्मा सत्रस्वभावी है। सत्रस्वभावी आत्मा के अनुभव से आत्मा में जो शान्ति स्वस्त्र वीतराग परिणति उत्पन्न होती है, उसे सत्य धर्म कहते हैं। अपने अन्तर में विद्यमान ज्ञानानन्द स्वभाव से उत्पन्न हुआ ज्ञान, श्रद्धान एवं वीतराग परिणति ही उत्तम सत्य धर्म है और वही मोक्ष का कारण है। प्रवचन के उपरांत जिनवाणी की आरती हुई भजन कीर्तन करते हुए मृदंग बजाते हुए श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव् से जिनवाणी की आरती ओर चौहर करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।


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