डीएम साहब का नया फरमान
जीवन अनमोल, लापरवाही पर रोक
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । आदेश पर आदेश और मीटिंग पर मीटिंग-यही है प्रशासन की पहचान। जिलाधिकारी महोदय ने अबकी बार सड़क सुरक्षा के नाम पर नया नया फरमान जारी किया है- नो हेलमेट, नो पेट्रोल। जी हां, अब अगर सिर पर हेलमेट नहीं है तो टंकी में पेट्रोल नहीं मिलेगा। फरमान सीधा और सख्त, पर सवाल वही- क्या पालन होगा या यह आदेश भी पुराने आदेशों की तरह शोकेस की शान बढ़ाएगा? दरअसल, 1 सितम्बर से 30 सितम्बर तक जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर यह नियम लागू करने की घोषणा की गई है। बाकायदा पंप मालिकों की बैठक बुलाकर यह निर्देश दिए गए कि बैनर लगाएं- नो हेलमेट, नो पेट्रोल, आपका जीवन है अनमोल। सुनने में
बढ़िया लगता है, लेकिन जरा पीछे मुड़कर देखें-क्या पहले दिए गए आदेशों का पालन हुआ? याद कीजिए, डीएम साहब ने पहले भी पेट्रोल पंपों को आदेश दिया था कि फ्री एयर, स्वच्छ शौचालय और पीने का साफ पानी समेत तमाम अन्य सुविधाएं हर पंप पर मिलेगीं। जनता अब तक ढूंढ रही है वह मुफ्त हवा और सुविधाएं। कहीं बोर्ड लगे हैं तो महज शोपीस बनकर, और जहां मशीन है, वहां कभी खराब है, कभी बंद है, कभी मिस्त्री बुला रहे हैं- का आश्वासन मिलता है। अब नया फरमान आया है-हेलमेट पहनिए वरना पैदल धक्के खाइए। लेकिन सवाल वही-क्या पेट्रोल पंप मालिक हिम्मत जुटा पाएंगे, ग्राहक से कहने की कि पहले हेलमेट लाओ, फिर पेट्रोल पाओ? या फिर आदेश केवल सरकारी फाइलों में चाय के धब्बों और स्टेपल पिनों के बीच दफन होकर रह जाएगा? जनता का कहना है कि प्रशासन अगर सच में नियम लागू करवाना चाहता है, तो पहले पुराने आदेशों का हिसाब दे, फिर नए आदेश थोपे। वरना यह मुहिम भी बनेगी सिर्फ फोटो खिंचवाने और प्रेस नोट छपवाने का नया बहाना।


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