बांदा /बदौसा, के एस दुबे - बरसात का मौसम होने और जल जीवों की सुरक्षा के लिहाज से माह जून से लेकर अक्टूबर तक चातुर्मास में जिले की नदियों से मुरम का खनन बिल्कुल प्रतिबंधित रहता है किंतु मुरम का अवैध खनन करने वाले खनन माफियाओं और मुकामी पुलिस की सक्रियता से जिले के बदौसा थाना क्षेत्र से निकली बागे नदी में ग्राम भदावल के पास मुरम का अवैध खनन चल रहा है। थाना स्थानीय से मिली जानकारी पर गौर करें तो ग्राम भदावल में शाम होते ही मुरम के अवध खनन का कार्य शुरू हो जाता है। इस कार्य में लगे मुन्नीलाल केवट पुत्र मिश्रीलाल बागे नदी से मुरम खनन कर उसे नदी तट पर एकत्र करता है और जैसे ही कुछ अंधेरा होने लगता है वैसे ही मुरम चोरों के ट्रेक्टर फर्राटा भरने लगते है। बताया गया है कि मुरम के इस अवैध कारोबार में थाना बदौसा सहित स्थानीय लमेहटा चौकी पुलिस की बराबर भागीदारी रहती है।मुन्नीलाल केवट एक ट्रेक्टर ट्रॉली 3 हजार रु से
लेकर 35 सौ रु में बेचता है जिसमें आधा पुलिस को देता है और आधा रुपया स्वयं हजम कर जाता है। क्षेत्र में किसी दुश्मनी रंजिश न हो इस भय से गांव या आसपास का कोई आदमी कुछ नहीं कहता,किंतु शाम होते ही मुरम भरे ट्रैक्टर देखकर सबकी नजरें स्थानीय पुलिस पर जरूर जाती है कि अगर गलती से कोई बिना हेलमेट लगाए निकलने वाले बाइक सवार य बिना कागजात के निकल पड़ते मोटर साइकिल सवारों को दौड़कर पकड़ने वाली पुलिस मुरम भरे ट्रैक्टर देखकर पुलिस जानबूझकर नजरे घुमा लेती है।इस संबंध में नाम पता न लिखने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने बताया कि वैसे तो भदावल में अवैध रूप से मुरम खनन का कार्य कोई नया नहीं है किंतु बरसात के इस सीजन में जब नदी से मुरम निकासी पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है तब नदी से सरेआम मुरम निकासी कर उसे नदी तट पर ढेर करना और फिर ट्रैक्टर ट्रालियों में लादकर उसे गंतव्य तक पहुंचाना बिना पुलिस की मिली भगत से संभव नहीं है। स्थानीय लोगों की माने तो मुन्नीलाल उर्फ साधू पुत्र मिश्रीलाल केवट माहिर खिलाड़ी है जो शाम 6:00 बजे से पूरी रात तक अवैध रूप से मुरम खनन का कार्य करता है।


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