सदन में गरजे चित्रकूट सदर विधायक
विधानसभा में शिक्षा पर संग्राम
अनिल प्रधान ने सरकार को घेरा
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रथम सत्र 2026 के पहले मंगलवार को चित्रकूट सदर विधायक अनिल प्रधान ने सदन में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से मंत्री सिर्फ रटा.रटाया जवाब दे रहे हैं.कभी 1ए26ए000ए कभी 85ए000 तो कभी 51ए112 पद रिक्त बताए जाते हैंए लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। गांवों में परिषदीय विद्यालय बंद या मर्ज किए जा रहे हैंए जबकि मधुशालाएँ गांव.गांव खुल सकती हैंए पर विद्यालय नहीं. यह टिप्पणी सदन में गूंजती रही। उन्होंने 20.25 लाख डीएलएड और टेट.सीटेट उत्तीर्ण युवाओं की पीड़ा उठाईए जो भर्ती न निकलने से दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैंए साथ ही 69ए000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का मुद्दा भी दोहराया। महोबा में मिड.डे मील में दस लीटर पानी में एक लीटर दूध मिलाने की घटना पर उन्होंने कार्रवाई की मांग की। जर्जर स्कूल भवनए एक
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| चित्रकूट सदर विधायक अनिल प्रधान |
शिक्षक के भरोसे चल रहे विद्यालय और शिक्षकों को गैर.शैक्षणिक कार्यों में झोंकने पर भी सवाल उठाए। एनसीटीई गाइडलाइन से नियुक्त पुराने शिक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट के टेट अनिवार्यता निर्णय के संदर्भ में सरकार से न्यायालय में पक्ष रखने की मांग की। साथ ही शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का मानदेय 30ए000 रुपये करनेए नई भर्ती निकालनेए चित्रकूट की कई ग्राम पंचायतों में राजकीय हाईस्कूलध्इंटर कॉलेज खोलने और शिवरामपुर में सीसी रोड व नाली निर्माण की याचिका भी प्रस्तुत की। सदन में उठे इन सवालों ने सरकार की शिक्षा नीति को कठघरे में खड़ा कर दिया।


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