बिल की समस्या को लेकर दूल्हे ने थमाई प्रशासन को शगुन की थाल
दुल्हन को घर कैसे लाऊ, कहीं बिजली गुल हो गयी तो कैसे होगी शादी
इंसाफ सेना ने कलेक्ट्रेट में किया जोरदार प्रदर्शन, प्रशासन हैरान
बांदा, के एस दुबे । जीनस का स्मार्ट मीटर द्वारा दिखाई गयी ‘जीनियस गिरी’ बिजली उपभोक्ताओं के गले की फांस बन गयी है। पिछले कई दिनों से स्मार्ट मीटर की स्मार्टनेश को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर प्रदर्शनकारियों से गुलजार है। ऐसा नहीं है कि ये खबर प्रदेश के मुखिया को नहीं, बशर्तें कोई सकारात्मक उपचार इस स्मार्ट मीटर का किसी के पास नहीं । नेता से लेकर अफसर सब आश्वासन का पुलिंदा थमाकर किसी तरह से बवाल टालने में लगे हैं लेकिन घरों में छाया अंधेरा लोगों को सड़कों पर उतरने को विवश किये है।
कलेक्ट्रेट में आज जो हुआ शायद ही जिले के किसी अफसर ने ऐसे प्रदर्शन की कल्पना की होगी, बिजली विभाग और जीनस कम्पनी के स्मार्ट मीटर से पीड़ित एक दूल्हा इंसाफ मांगने के लिये प्रशासन की ड्योढी में शगुन की थाली लेकर आ पहुंचा। बस फिर क्या था हर जुबान पर स्मार्ट मीटर के उत्पीड़न की कहानी बिफर कर सामने आने लगी। इंसाफ सेना के रा.अध्यक्ष एएस नोमानी द्वारा स्मार्ट मीटर की समस्या को लेकर आज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों में सजा-धजा दूल्हा अपनी बैण्ड बाजा बरात के साथ हांथों में शगुन की थाली लेकर कलेक्टर के सामने आ खड़ा हुआ, विद्य़ुत विभाग और स्मार्ट मीटर से मिल रही पीड़ा का कुलदीप ने खुलकर इजहार किया।
मटौंध क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उजरेहटा के कुलदीप की आज शादी है और उस शादी मे बारात की तैयारियां चल रही थी जहां बारात ले जाने से पहले दूल्हा स्वयं बैंड बाजे के साथ जिला अधिकारी कार्यालय पहुंच गया। दूल्हे से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज मेरी शादी है, और स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने की वजह से मैं परेशान हूं, बिल न जमा करने की वजह से लाइट काट दी जाएगी जिससे घर में अंधेरा हो जाएगा। अब ऐसी दशा में अपनी समस्या कैसे कहूं। दूल्हे ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जनपद के विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाकर अपनी ड्यूटी से मुंह फेर लिए हैं। किसके यहां कैसा और कितना बिल पहुंच रहा है, कोई लेना-देना नहीं है। नौजवान पीढ़ी क्या कमांएगी और क्या बिजली का बिल भरेगी।
‘परिवर्तन थोड़ा कष्टकारी होता है, फिर आदत पड़ जाती हैःअभियन्ता’
जबरा मारे और रोने भी न दें कि कहावत आज उस समय सच साबित हुई जब बिजली विभाग और जीनस के स्मार्ट मीटर की मार को झेल रहे बांदा जनपदवासियों की समस्या का समाधान ढूढ़ने के लिये मीडिया टीम अधीक्षण अभियन्ता के पास पहुंची। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता मीडिया के सामने इस समस्या के निस्तारण पर गीता का ज्ञान देते नजर आये, उन्होंने कहा कि ‘जब कोई चीज नई आती है तो थोड़ी बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, फिर धीरे-धीरे उस चीज की आदत हो जाती है’ उन्होंने कहा कि ये भारत सरकार की योजना है इस योजना से बिजली उपभोक्ताओं को बहुत लाभ होगा, अभी लोगों को यह योजना समझ में नहीं आ रही है, जिसको समझाने के लिये विद्युत विभाग के अफसर और कर्मी कैम्प लगाकर लोगों को समझाने का काम करेंगे।


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