बांदा, के एस दुबे । कमासिन क्षेत्र की उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा पछौंहा में पिछले 25 दिनों से नकदी संकट बना हुआ है, जिससे ग्रामीण खाताधारकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बैंक के गेट पर “बैंक में कैश नहीं है” का बोर्ड लटका होने से यह स्पष्ट है कि स्थिति सामान्य नहीं है और रोजाना बैंक आने वाले लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे 8 से 10 किलोमीटर दूर से रोजाना बैंक तक पहुंच रहे हैं, लेकिन अपनी ही जमा पूंजी नहीं निकाल पा रहे हैं। शादी-विवाह, बच्चों के दाखिले, बीमारी के इलाज और घर के दैनिक खर्चों के लिए रुपये न मिलना लोगों की परेशानी को और गंभीर बना रहा है। कई खाताधारकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बैंक में पैसा जमा होने के बावजूद उन्हें जरूरत के समय नकदी नहीं मिल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाखा में नकदी की कमी के कारण पूरा इलाका प्रभावित है। ग्रामीण क्षेत्र में आसपास कोई वैकल्पिक
बैंकिंग व्यवस्था या निकासी का दूसरा साधन न होने से समस्या और गहरा गई है। भीषण गर्मी का मौसम है ऐसे में दूर-दराज से आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद उपभोक्ता पेंशन, किसान सम्मान निधि, नरेगा मजदूरी आदि के लिये गरीब सबसे ज्यादा परेशान हैं। बैंक प्रबंधन का कहना है कि ऊपर से कैश की आपूर्ति नहीं मिल रही है, इसलिए शाखा सीमित विकल्पों के साथ काम कर रही है। हालांकि, इससे ग्राहकों की दिक्कत कम होने के बजाय और बढ़ गई है। बैंक प्रशासन की यह मजबूरी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है, क्योंकि उन्हें बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है।


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