बांदा, के एस दुबे । साइबर अपराधियों और ऑनलाइन ठगों के खिलाफ बाँदा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के कुशल निर्देशन में काम कर रही साइबर क्राइम पुलिस थाना टीम ने विभिन्न माध्यमों से साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए 15 अलग-अलग पीड़ितों के खातों में कुल 20 लाख 34 हजार 118 रुपये सफलतापूर्वक वापस करा दिए हैं। अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर पीड़ितों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बाँदा पुलिस का दिल से आभार जताया। जांच के दौरान सामने आया कि साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए मुख्य रूप से दो तरह के हथकंडे अपनाए थे। अधिकांश मामलों में ठगों ने लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, शेयर बाजार में निवेश, पार्ट टाइम जॉब और कम समय में व्यापार में अधिक लाभ कमाने का लालच देकर फर्जी मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए लाखों रुपये ऐंठ लिए थे।
कुछ मामलों में अपराधियों ने पीड़ितों की मानवीय संवेदनाओं और भावनाओं का फायदा उठाया। ठगों ने सोशल मीडिया या फर्जी कॉल के जरिए परिचित, मित्र या रिश्तेदार बनकर फोन किया। उन्होंने खुद को या परिवार के किसी सदस्य को गंभीर बीमार होने, एक्सीडेंट होने या जेल में होने का झांसा देकर आपातकालीन आर्थिक सहायता के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक राम मोहन राय और उनकी टीम ने शिकायतों पर तत्काल एक्शन लिया। टीम ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रांजैक्शन विश्लेषण और गहन पड़ताल की। इसके बाद संबंधित बैंकिंग संस्थाओं, वित्तीय पोर्टलों और पेमेंट गेटवे से लगातार प्रभावी पत्राचार व समन्वय स्थापित कर ठगों के खातों में जा रही रकम को बीच में ही होल्ड और फ्रीज करवा दिया, जिससे यह पूरी रकम पीड़ितों के खातों में सुरक्षित वापस आ सकी।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए अपील की है।किसी भी अज्ञात लिंक, अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन निवेश संबंधी लुभावने प्रलोभनों में बिल्कुल न आएं। कोई भी परिचित बनकर अचानक पैसे मांगे, तो पहले उसके वास्तविक नंबर पर कॉल करके पुष्टि जरूर कर लें। यदि दुर्भाग्यवश आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना देर किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या अपने नजदीकी साइबर थाने/पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते पैसे होल्ड किए जा सकें।


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