बांदा, के एस दुबे । प्रदेश सरकार और प्रशासन भले ही हर घर नल से जल पहुँचाने का दावा कर रहा हो, लेकिन धरातल पर आज भी कई ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला बांदा तहसील के ग्राम पंचायत लुकतरा से सामने आया है, जहाँ पेयजल की समस्या ने अब विकराल रूप ले लिया है। शनिवार को गाँव के दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर अपनी व्यथा सुनाई और एक लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।ग्रामीणों का आरोप है कि इस चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के मौसम में गाँव के
करीब आधा दर्जन घरों में अब तक पीने के पानी का नल कनेक्शन नहीं पहुँचा है। पानी का कोई अन्य सुलभ साधन न होने के कारण इन परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी का इंतजाम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि इन पीड़ित परिवारों में तीन दिव्यांग लोग भी शामिल हैं। पैरों से लाचार होने के बावजूद, उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए मीलों दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो गई है। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि मौसम के मिजाज और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए गाँव में अति शीघ्र पीने के पानी के नए नल कनेक्शन चालू करवाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और भी बदतर हो जाएगी। इस मौके पर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्य रूप से शिवराम, झुर्री, रामपाल, सुरेका, रमेश, सिपाही लाल, रश्मी, गीता, अर्चना समेत गाँव के तमाम महिला व पुरुष मौजूद रहे।


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