राजापुर/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : तहसील क्षेत्र के ग्राम सिकरी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के षष्ठम दिवस पर शुक्रवार को प्रयागराज से पधारे कथा व्यास बालकृष्ण भार्गव ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कराया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान का मर्दन कर समाज को यह संदेश दिया कि संसार में किसी भी वस्तु का अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि संपूर्ण सृष्टि भगवान की है। उन्होंने वेणु गीत, महरास एवं गोपी गीत प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान केवल प्रेम से ही प्रसन्न होते हैं और गोपियों ने निष्काम प्रेम के माध्यम से भगवान को प्राप्त किया। प्रत्येक प्राणी को भगवान से सच्चा प्रेम करना चाहिए। कथा के
दौरान कंस वध, उद्धव-गोपी संवाद तथा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा मथुरा वासियों के लिए द्वारिका नगरी बसाने एवं रुक्मिणी विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इस मौके पर आयोजक विजय पाल सिंह, हेमराज सिंह, पुष्पराज सिंह, हरीश चंद्र सिंह, रामनिवास सिंह, श्रोतागण कमलेश कुमार गर्ग, रमेश सिंह, मनोज कुमार सिंह, वेद प्रकाश पांडेय, बड़कू, बृजेश कुमार सिंह, छेदीलाल सिंह, दशरथ आदि मौजूद रहे।


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