दोबारा अवैध खनन न हो, इसके लिए पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया
लगभग 100 गाड़ियों मोरम का अवैध भंडारण किया गया है
छापेमारी के समय खदान में चल रही पोकलैंड मशीनें आखिर कहां गायब हो गईं, या फिर प्रशासन ने उनकी अनदेखी की
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा क्षेत्र की गलौली यमुना खदान में चल रहे कथित अवैध खनन पर खनिज विभाग और तहसील पैलानी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन कार्य पूरी तरह बंद करा दिया है। खदान क्षेत्र में दोबारा अवैध खनन न हो, इसके लिए पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। बताया गया कि किसान नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले एवं ग्रामीणों ने खदान में अवैध खनन, बिना रॉयल्टी मोरम निकासी, ओवरलोड वाहनों के संचालन तथा तेज रफ्तार ट्रकों की शिकायत जिले के आला अधिकारियों से की थी। साथ ही कार्रवाई न होने पर कानाखेड़ा चौराहे पर ट्रकों को रोकने का ऐलान भी किया गया था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खनिज अधिकारी बांदा और एसडीएम पैलानी ने पुलिस बल के साथ गुरुवार रात गलौली खदान पर संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 14 ट्रकों का चालान करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया।
हालांकि, क्षेत्र में यह चर्चा भी बनी हुई है कि छापेमारी के समय खदान में चल रही पोकलैंड मशीनें आखिर कहां गायब हो गईं, या फिर प्रशासन ने उनकी अनदेखी की।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान से निकलने वाले ओवरलोड और बिना रॉयल्टी के ट्रक तेज रफ्तार से आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते थे, जिससे कई हादसे हो चुके हैं। मोरम सड़क पर गिरने से राहगीरों के फिसलकर घायल होने की घटनाएं भी सामने आ रही थीं। वहीं लगातार भारी वाहनों के संचालन से सड़कें भी खराब होने लगी थीं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि झंझरीपुरवा मोड़ पर इसी खदान से निकाली गई लगभग 100 गाड़ियों मोरम का अवैध भंडारण किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध भंडारण को भी तत्काल सीज किया जाए।
किसान नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ आगे भी आवाज उठाई जाती रहेगी।


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