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Saturday, May 23, 2026

चकबंदी विभाग पर भूमाफियाओं से मिलीभगत का गंभीर आरोप

25 मई तक न्याय न मिला तो अशोक लाट पर होगा अनशन,

पीड़ित परिवारों ने डीएम को सौंपा पत्र

बांदा, के एस दुबे । जिले में चकबंदी विभाग एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। थाना मटौंध क्षेत्र के ग्राम लोहरा के निवासियों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भूमाफियाओं को नाजायज लाभ पहुँचाने और गरीबों की जमीन हड़पने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की आस में भटक रहे ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए आगामी 25 मई तक समस्या का समाधान न होने पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अशोक लाट चौराहे पर परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।


ग्राम लोहरा निवासी रामहित पुत्र तुलसीदास और श्यामसुन्दर पुत्र गद्दू ने इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी बांदा को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ितों का सीधा आरोप है कि चकबंदी विभाग के कानूनगो हरिशंकर सोनी और नायब साहब ने मिलकर भूमाफियाओं को फायदा पहुँचाने का खेल रचा है। दबंगों को अवैध गाटे व उनकी तय सीमा से अधिक भूमि चकों में नाप कर दे दी गई है, जबकि बंदोबस्त अधिकारी द्वारा प्रार्थीगणों को आवंटित किए गए मूल गाटों को हटाकर उन्हें बेहद कम और बीहड़ जमीन थमा दी गई है। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्होंने इस खुली धांधली का विरोध किया, तो चकबंदी कर्मियों द्वारा उन्हें डराया-धमकाया गया। कर्मचारियों ने रौब गांठते हुए कहा, ज्यादा कानून दिखाओगे तो पूरा जीवन कोर्ट के चक्कर लगाने में ही बीत जाएगा।

शिकायत पत्र के अनुसार, बीते रविवार 17 मई 2026 को मौके पर पैमाइश की गई थी, जिसमें भारी विसंगतियां थीं। इसके खिलाफ पीड़ित पक्ष ने 18 मई से जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के आला अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए लिखित सूचनाएं भेजीं, लेकिन प्रशासनिक मशीनरी इस पर मौन साधे रही। बंदोबस्त अधिकारी द्वारा सिर्फ दो-चार दिन में कार्रवाई होगी का खोखला आश्वासन देकर टालमटोल किया जा रहा है। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात पर भी है कि चकबंदी विभाग के कर्मचारी मनमाने तरीके से केवल दबंगों के इशारे पर काम कर रहे हैं। वे गांव के भीतर आकर जमीनों की वास्तविक जांच करने के बजाय गांव के बाहर से ही फर्जी दौरा दिखाकर वीडियो बनाते हैं और कागजी खानापूर्ति कर लौट जाते हैं। प्रार्थी रामहित ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सोमवार, 25 मई 2026 तक उनके गाटों के चकों की वास्तविक और निष्पक्ष पैमाइश नहीं कराई गई, तो वे अपने पूरे परिवार के साथ अशोक लाट चौराहा कचहरी बांदा पर अनशन शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


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