बांदा, के एस दुबे । बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री वॉल के निर्माण के कारण जनपद के ग्राम मवई बुजुर्ग के किसानों की लगभग 300 बीघा उपजाऊ जमीन पर खेती-बाड़ी पूरी तरह ठप हो गई है। अपने खेतों तक पहुँचने का रास्ता बंद होने से व्यथित ग्रामीणों ने सोमवार को महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजकर तत्काल समस्या के निस्तारण की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा प्रेषित ज्ञापन के अनुसार मवई बुजुर्ग (तहसील व जिला बांदा) के किसानों की निजी भूमिधरी जमीन के एक तरफ बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का फ्लाईओवर गुजरता है। किसानों का आरोप है कि कृषि विश्वविद्यालय ने आम रास्ते को अपनी निजी जमीन बताकर वहां बाउंड्री दीवार का निर्माण करा दिया है। बाउंड्री बनने से खेतों तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते किसान बुआई, कटाई और अपनी फसलों की देखरेख के लिए खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे
उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दूसरी तरफ चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक लगभग 1 किलोमीटर का पक्का रास्ता बनवाया जाए, जिससे किसान आसानी से अपनी कृषि भूमि तक आ-जा सकें और खेती का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया तो किसानों का जीवनयापन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। ज्ञापन के साथ किसानों ने अपनी जमीनों की खतौनी की प्रतियां और स्थल की तस्वीरें भी साक्ष्य के तौर पर संलग्न की हैं। इस अवसर पर संतोष कुमार सविता, रामजी त्रिवेदी, आशीष कुमार, रामबरन यादव, छत्रपाल सविता, श्रीराम सहित मवई बुजुर्ग के समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।


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