जमीन हड़पने और पुरानी रंजिश में दिव्यांग सुरेश पर फरसे से जानलेवा हमला
बांदा, के एस दुबे । बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम चौसद निवासी दिव्यांग सुरेश पुत्र गरीबदास विश्वकर्मा ने परिजनों के माध्यम से बांदा पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजकर जान-माल की रक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि गत 19 जुलाई 2026 की रात करीब 9.15 बजे, जब वह शौच के लिए गया था, तब गंगाराम यादव (पुत्र अर्जुन), लालाराम यादव (पुत्र राजकरण), गंगाराम के साले और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने घेरकर उस पर फरसे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सुरेश का सिर फट गया और उंगलियां कटकर फ्रैक्चर हो गईं। वहीं गंगाराम ने तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग दौड़े, तो आरोपी गाली-
गलौज करते हुए भाग निकले। घटना के बाद 112 नंबर पुलिस की मदद से घायल दिव्यांग को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा लाया गया, जहाँ हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पीड़ित फिलहाल जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बिसंडा थाना पुलिस ने दबंगों के प्रभाव में आकर (अ०सं० 0345/2026 में ठछै की धारा 115(2), 352, 351(3)) हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया है, जबकि घटना में हत्या के प्रयास की गंभीर धाराएं जोड़ी जानी चाहिए थीं। शिकायती पत्र में पीड़ित ने बताया कि वह अनपढ़ है, जिसका फायदा उठाकर गांव के दबंग गंगाराम ने उसकी कीमती सड़क किनारे की जमीन धोखे से अपनी पत्नी के नाम लिखवा ली और 2,60,000 रुपये का चेक देने का वादा कर एक रुपया भी नहीं दिया। आरोप है कि हल्का लेखपाल दीपेन्द्र कुमार, ग्राम प्रधान चुन्नू खां और गंगाराम बिना किसी आदेश के उसके घर पहुंचे और जबरन जमीन नापने लगे। विरोध करने पर आरोपी लेखपाल व ग्राम प्रधान ने पीड़ित की पत्नी से मारपीट की, उसे घसीटा और कपड़े फाड़कर अश्लील हरकत की। इसके बाद उसकी दुकान में आग लगा दी, जिससे दुकान व गृहस्थी का सारा सामान और आम का पेड़ जलकर राख हो गया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि पूर्व में शिकायत करने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की, जिससे बेखौफ होकर आरोपियों ने इस जानलेवा वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमे में गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं तथा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।


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