चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : पशुपालन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद की 328 ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए एफएमडी टीकाकरण अभियान के आठवे चरण की शुरुआत बुधवार से की गई। इस दौरान जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बुधवार को कलेक्टरेट परिसर से खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण अभियान के तहत एफएमडी वैक्सीन लगाने वाली टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान आगामी आठ सितंबर तक चलेगा। इस दौरान कुल 45 दिनों में 20 टीमें पशुपालकों के घर-घर जाकर टीकाकरण करेंगी। जनपद की सभी तहसीलों, ब्लॉकों, नगर पंचायतों, ग्राम पंचायतों और नगर पालिका क्षेत्रों में निःशुल्क टीकाकरण होगा। मुख्य पशु
चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस अभियान में 3,93,200 पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। जिसमें चार माह से अधिक उम्र के बछड़े, बछड़ी, पड़िया और पड़वा को टीका लगाया जाएगा। प्रत्येक टीम का नेतृत्व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी/पशु चिकित्साधिकारी करेंगे, जिनके मार्गदर्शन में पशुधन प्रसार अधिकारी, पशुमित्र/मैत्री और वैक्सीनेटर टीकाकरण करेंगे। बताया कि जनपद में कर्वी सदर पशु चिकित्सालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका प्रभारी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार को बनाया गया हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं।
बताया कि खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) मुख्यतः गाय-भैंस जैसे दुधारू पशुओं में होने वाला संक्रामक वायरल रोग है। यह पिकोर्नाविराइडी परिवार के एफ्थो वायरस के कारण होता है। रोग के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, मुंह-जीभ और मसूड़ों में छाले, गाढ़ी लार गिरना, खुरों के बीच फफोले पड़ना, चारा न खाना और दुग्ध उत्पादन में गिरावट शामिल है। इस अभियान का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश से एफएमडी का पूर्ण उन्मूलन करना है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र सिंह, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मनोहर लाल धर्मन आदि मौजूद रहे।


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