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Friday, July 24, 2026

फर्जी दस्तावेज लगाकर नाबालिग भाई-बहन की जमीन हड़पने का आरोप

पीड़िता ने अपनी दादी सहित अन्य के खिलाफ दी तहरीर

फतेहपुर, मो शमशाद । हथगांव थाना क्षेत्र के रायपुर मुआरी गांव की रहने वाली एक युवती ने अपनी पैतृक भूमि हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैनामा और नामांतरण कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए थाना हथगांव में तहरीर देकर संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मामले में फर्जी शपथ पत्र, आधार कार्ड और प्रतिरूपण (इम्पर्साेनेशन) के जरिए न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता अलशिफा बानो पुत्री स्वर्गीय मोसिम, वर्तमान निवासी हरचंदपुर मजरे पुरमई थाना खखरेरू ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पिता और बाद में दादा की मृत्यु के बाद पैतृक संपत्ति उस तथा उसके नाबालिग भाई मोहम्मद सोएफ के नाम आई थी। दोनों के नाबालिग होने के कारण उनकी दादी सफीकुन निशा का नाम

तहरीर दिखाते पीड़ित नाबालिग भाई-बहन।

संरक्षिका के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया। आरोप है कि संरक्षिका ने अपने निजी लाभ के लिए वर्ष 2022 में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नाबालिगों की लगभग 0.2881 हेक्टेयर (26 गाटा) भूमि का बैनामा राबिया बानो के नाम कर दिया। शिकायत के अनुसार इस कथित बैनामे में मोहम्मद उमर और अजमल खान गवाह बने, जबकि सभी संबंधित लोगों को यह जानकारी थी कि भूमि नाबालिग भाई-बहन की है। पीड़िता का कहना है कि बैनामे के बाद दाखिल-खारिज की कार्यवाही शुरू हुई, जिसे वर्ष 2022 में साक्ष्य के अभाव में नायब तहसीलदार ने खारिज कर दिया था। इसके बाद रेस्टोरेशन वाद दाखिल कर कथित रूप से फर्जी शपथ पत्र और आधार कार्ड तैयार कराए गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों में अलशिफा और उसके भाई की जगह किन्हीं अन्य व्यक्तियों की फोटो लगाई गई, गलत जन्मतिथि अंकित की गई तथा न्यायालय में प्रतिरूपण कर दूसरे लोगों को वास्तविक वारिस बताकर पेश किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन्हीं कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2025 में नायब तहसीलदार न्यायालय से नामांतरण का आदेश प्राप्त कर भूमि राबिया बानो के नाम दर्ज करा ली गई। अलशिफा बानो के अनुसार जनवरी 2026 में बालिग होने के बाद जब उसने अपनी पैतृक भूमि का विवरण निकलवाया तो उसे नामांतरण की जानकारी मिली। इसके बाद उसने 15 जुलाई 2026 को वाद की पत्रावली का निरीक्षण किया, जिसमें कथित फर्जी शपथ पत्र और आधार कार्ड सामने आए। पीड़िता का दावा है कि आधार कार्ड पर अंकित नंबरों की जांच करने पर वे किसी अन्य व्यक्तियों के निकले। पीड़िता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और न्यायालय को गुमराह करने सहित अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रभारी निरीक्षक अरुण चतुर्वेदी ने जांच कराकर पीड़ित को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की बात कही है।


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