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Monday, July 27, 2026

जल संकट से त्रस्त शहर: बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग, पलायन की नौबत

महीनों से जलापूर्ति ठप, डीएम को सौंपा ज्ञापन; दो दिन में समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

बांदा, के एस दुबे ।  शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सर्वोदय नगर सहित कई मोहल्लों के लोगों ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पेयजल आपूर्ति तत्काल बहाल कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सर्वोदय नगर, शुकुल कुआं, जवाहर नगर और इंदिरा नगर में पिछले कई महीनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों को पीने के


पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का दावा है कि पानी की समस्या के कारण कुछ परिवार मकान बेचकर अन्य स्थानों पर जाने की सोच रहे हैं, जबकि कई लोग बेटियों के विवाह के लिए भी इस क्षेत्र को उपयुक्त नहीं मान रहे हैं। सोमवार सुबह क्षेत्र के लोगों ने इंदिरा नगर स्थित प्रदेश के जल शक्ति मंत्री के आवास पहुंचकर भी अपनी समस्या से अवगत कराया। नागरिकों का कहना है कि मंत्री के आवास के आसपास के क्षेत्रों में ही पानी का गंभीर संकट बना हुआ है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सर्वोदय नगर का आरबीएस वाली गली तथा गजानन माता  मंदिर के आसपास का क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। सर्वोदय नगर, जवाहर नगर, शुकुल कुआं और कताई मिल (बाईं पटरी) क्षेत्र पहले से ही 'ड्राई एरिया' घोषित हैं। इन इलाकों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जमालपुर मेन लाइन से इंदिरा नगर की पानी की टंकी के माध्यम से पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी।

क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में इंदिरा नगर से पेट्रोल पंप तक नई पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि पाइपलाइन पर लगाए गए इंडकैप के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित हो गया है, जिससे सैकड़ों घरों में जलापूर्ति बाधित हो गई है। लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और कमीशनखोरी की आशंका भी जताई है तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई, स्थानीय अभियंता की जांच तथा स्थायी समाधान के लिए नई पानी की टंकी के निर्माण की मांग की गई है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर जलापूर्ति सुचारु नहीं की गई तो वे आंदोलन और अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में रमाकांत तिवारी, रणधीर सिंह, संतोष, राहुल सिंह, रवि यादव, राजा, विजय कुशवाहा, राजेश यादव, शिव दुलारी, प्रतीक्षा गुप्ता, सुनीता, रुचि त्रिवेदी सहित अन्य क्षेत्रवासी शामिल रहे।


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