स्कूलों के सामने भरा पानी, आवागमन में परेशान हो रहे बच्चे और शिक्षक
कमासिन / बांदा, के एस दुबे । जनपद बांदा के आकांक्षी विकास खंड कमासिन की ग्राम पंचायत कमासिन में स्वच्छता अभियान के दावों की धज्जियां उड़ रही हैं। ग्राम पंचायत में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के अंबार लगे हुए हैं, जिनकी लंबे समय से उठान न होने के कारण पूरे क्षेत्र में बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है। ग्राम पंचायत की दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के विद्यालयों के ठीक सामने जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे
वीडियो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि लंबे समय से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। दूषित पानी और जलजमाव के बीच से गुजरने को मजबूर विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही शिकायतों और वीडियो वायरल होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कूड़े के ढेरों से उठने वाली तीव्र दुर्गंध और जगह-जगह रुके पानी के कारण मच्छर व अन्य कीटाणु पनप रहे हैं। इससे पूरे गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई लोग पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी कोई प्रशासनिक अमला सुध लेने नहीं पहुंचा। ग्राम पंचायत की बदहाली से आक्रोशित स्थानीय निवासियोंकृसुनील कुमार, बी.एम. शुक्ला, विजय कुमार, भोन्डी, बच्छराज सहित सीएनजी चालक रामबरन, विनोद कुमार तथा अनन्त वर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से गुहार लगाई है।


No comments:
Post a Comment