सड़क चौड़ीकरण के बाद आधा-अधूरा काटा बिजली का खंभा
बांदा, के एस दुबे । ‘देखन में छोटे लगें, घाव करें गंभीरश्कृयह कहावत शहर के अशोक लाट से संकटमोचन की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर अक्षरशः सटीक बैठ रही है। यहां सड़क के बीचों-बीच छोड़ा गया बिजली के खंभे का एक नुकीला ठूंठ (खूंटा) राहगीरों के लिए रोजाना काल साबित हो रहा है। दिन हो या रात, इस श्खूनी खूंटेश् से टकराकर ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन और पैदल यात्री लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। विदित हो कि बीते महीनों इस मार्ग का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया था। कार्य के दौरान मार्ग में बाधा बन रहे बिजली के खंभों को काटा गया था। लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही का आलम यह रहा कि एक खंभे को
जड़ से उखाड़ने के बजाय उसका कुछ हिस्सा सड़क पर ही खूंटे की तरह छोड़ दिया गया। रात के अंधेरे में यह ठूंठ अनजान राहगीरों को दिखाई नहीं देता, जिससे टकराकर लोग लहूलुहान हो रहे हैं। यदि वाहन पलटने से बच भी जाएं, तो पहिए और टायर क्षतिग्रस्त होना तय है। इस लापरवाही को लेकर स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और अधिवक्ताओं में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी और निरीक्षण करने वाली टीम रोजाना यहां से गुजरती है, फिर भी सड़क पर खड़ा यह खतरा किसी को नजर नहीं आता। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है? हर गुजरते दिन के साथ यह खूंटा राहगीरों को अपना शिकार बना रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस जानलेवा खतरे से शहरवासियों को कब निजात मिलती है।


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