चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : सहायक श्रमायुक्त आरके गुप्ता ने व्यापारियों को बताया कि शासन के आदेशानुसार 20 से कम कर्मचारी रखने वाली दुकानों व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए उप्र दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम-1962 के तहत पंजीयन व नवीनीकरण अनिवार्य नहीं है। जबकि 20 या अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों में नियमानुसार पंजीयन अथवा नवीनीकरण कराना जरूरी है। उन्होंने व्यापारियों से संशोधित प्रावधानों के अनुसार ही कार्रवाई करने की
अपील की। साथ ही बताया कि शासन ने श्रम कानूनों के अनुपालन को सुगम बनाने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट योजना लागू की है। इसके तहत सलाहकार फर्मों के माध्यम से श्रम कानून, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाओं के संबंध में तकनीकी एवं विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।


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