चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में इब्तेदा संस्था मानिकपुर की कृषि सखियों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति में गाजर घास उन्मूलन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों एवं कृषि सखियों को गाजर घास के दुष्प्रभावों तथा इसके प्रभावी उन्मूलन के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित कुमार ने गाजर घास की पहचान, उसके उन्मूलन तथा निकाली गई गाजर घास को उचित विधि से जैव उर्वरकध्कम्पोस्ट में परिवर्तित करने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि गाजर घास खेतों में तेजी से फैलकर फसलों की उत्पादकता को प्रभावित करती है, इसलिए समय रहते
इसका नियंत्रण आवश्यक है। केंद्र के वैज्ञानिक सतीश पाठक ने उन्नत पशु प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन के प्रभाव विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बदलती जलवायु परिस्थितियों में पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, आवास एवं प्रबंधन में आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं कृषि प्रसार वैज्ञानिक उत्तम कुमार त्रिपाठी ने किसानों एवं कृषि सखियों के मध्य गाजर घास संबंधी बैनर का प्रदर्शन करते हुए इसके कारण कृषि, मानव स्वास्थ्य एवं पशुओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को गाजर घास के नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा इसके उन्मूलन को नियमित कृषि गतिविधियों का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं, कृषि ज्ञान दूत योजना, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं विभिन्न फसल प्रदर्शन कार्यक्रमों की जानकारी भी किसानों को दी तथा पात्र किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।


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