अनुपस्थित शिक्षकों पर गिरेगी गाज
बांदा, के एस दुबे । जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूली बच्चों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर बड़ा अभियान छेड़ा है। जिलाधिकारी बांदा के निर्देश पर शनिवार, 22 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों की टीमों ने एक साथ औचक निरीक्षण कर पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया। जिलाधिकारी के आदेशानुसार जनपद में संचालित बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, श्रम विभाग, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुल 26 आवासीय विद्यालयों का अचानक निरीक्षण किया गया। प्रत्येक विद्यालय के लिए जिला स्तरीय
अधिकारियों व उपजिलाधिकारियों को अलग-अलग आवंटित कर व्यवस्थाओं की जमीनी पड़ताल की गई। इससे पूर्व, 20 अगस्त 2026 को छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं और जलभराव की स्थिति जांचने के लिए जिला एवं मंडल स्तरीय अधिकारियों की टीम ने जनपद के 404 परिषदीय विद्यालयों का गहन रैपिड सर्व किया था।जलभराव और जर्जर/निष्प्रयोज्य भवनों की स्थिति।मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और फल-दूध का नियमित वितरण। पेयजल, शौचालय व स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं। शैक्षणिक गतिविधियां और शासन द्वारा मिलने वाली डीबीटी/अन्य सुविधाएं। लापरवाह शिक्षकों पर होगी विभागीय कार्रवाई, कमियां जल्द होंगी दूर।रैपिड सर्वे के बाद सामने आई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पाया गया कि जिन स्कूलों में बुनियादी ढांचे या सुविधाओं में कमियां हैं, उनकी विद्यालयवार सूची संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को सौंप दी गई है। सभी निर्माण व मरम्मत कार्यों को अतिशीघ्र पूरा कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के दौरान जो शिक्षक, शिक्षामित्र या अनुदेशक बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए, उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बांदा के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित माहौल देने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और निगरानी अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।


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