चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर चित्रकूट में आयोजित होने वाले दो दिवसीय आध्यात्मिक शिविर की तैयारी को लेकर साधकों की तीसरी बैठक रामायण मेला परिसर में संपन्न हुई। यह कार्यक्रम दादा गुरुदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली (परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद) महाराज की क्षत्रछाया और सदगुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली के सानिध्य में होगा। बताया कि ‘‘जागृत लक्ष्मी साधना शिविर‘‘ का आयोजन 24 व 25 अक्टूबर, शनिवार-रविवार को राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर, सीतापुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा। आयोजन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित देश के कई प्रांतों से हजारों साधक-साधिकाएं और बड़ी संख्या में शिष्यगण पहुंचेंगे। शिविर को सफल बनाने के लिए रविवार को रामायण मेला परिसर में तीसरी बैठक हुई। बैठक
की अध्यक्षता प्रतापगढ़ जिले के फौजदार सिंह ने की। जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। आयोजक मंडल में चित्रकूट, प्रतापगढ़, रीवा, मैहर, लखनऊ, इलाहाबाद, रायबरेली, टाटानगर और दिल्ली क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी साधना के लिए विशेष मानी जाती है। आयोजकों का कहना है कि शिविर में साधना, प्रवचन और सामूहिक अनुष्ठान होंगे, जिससे साधकों को आध्यात्मिक लाभ मिलेगा। इस अवसर पर फौजदार सिंह, दिनेश मिश्रा, गायत्री तिवारी, नवनीत मिश्रा, जगबली सिंह, डॉ दिनेश मिश्रा, सरोज सिंह, शशि सिंह, दिगंबर मिश्रा, जयतुन्जय सिंह, राजेश्वर सिंह, सौम्या मिश्रा, सविता देवी, चुन्नीलाल चैहान, अनीता देवी, मीरा मिश्रा, प्रियंका देवी, विंध्याचल पांडेय, रमाशंकर यादव, ललित किशोर, हरिनाथ तिवारी, दिलीप कुमार पटेल, डॉक्टर प्रदीप कुमार पटेल, महेश सिंह, दयाराम, अनूप सिंह सहित सभी साधक मौजूद रहे।


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