ग्रामीणों ने लगाए विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप
बांदा, के एस दुबे । ग्राम पंचायत चाहितारा में ग्रामीणों के लिए बना आम रास्ता इन दिनों बदहाली का शिकार है। रास्ते पर कीचड़ और दलदल होने के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से होकर बच्चे स्कूल आते-जाते हैं, लेकिन रास्ता खराब होने के चलते कई बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के बाद रास्ते की स्थिति और भी खराब हो गई है। स्कूल जाने के दौरान बच्चे कीचड़ और दलदल में गिर जाते हैं, जिससे उनकी स्कूल ड्रेस और बैग खराब हो जाते हैं। कई बार बच्चे रास्ते से वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और
अभिभावकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अधिकांश परिवार मजदूरी और खेती-किसानी पर निर्भर हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाते हैं, लेकिन गांव के खराब रास्ते उनकी शिक्षा में भी बाधा बन रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के विकास के लिए सरकार की ओर से बजट उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर विकास कार्यों के नाम पर धन के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अभिलेखों में विकास कार्य पूरे दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कराकर रास्ते की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


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