बिजली-पानी सहित मूलभूत सुविधाएं बहाल करने में जुटा प्रशासन
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। कई गांवों और नदी किनारे के इलाकों में मकान, मंदिर, सड़कें और अन्य भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान की तस्वीर साफ होने लगी है। जिला प्रशासन ने अब राहत और बचाव के साथ क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह लगातार प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर बाढ़ से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए लेखपालों को घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया है कि मकान, सब्जी और फसल से हुई क्षति का अलग-अलग आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सर्वे में लापरवाही न बरतने और प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की। प्रशासन की ओर से 100 राशन किट उपलब्ध कराई गईं। वहीं अमानपुर के मजरा बहादुरपुर और कुशवाहा का पुरवा में प्रभावित परिवारों को करीब 400 लंच पैकेट वितरित किए गए। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों की जरूरतों का लगातार आकलन कर भोजन, पानी, राशन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। प्रशासन ने विद्युत आपूर्ति बहाल करने की कार्रवाई तेज कर दी है। प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को भी सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन परिवारों के मकानों में रहना मुश्किल है, उनके लिए रैन बसेरों में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट समेत नदी किनारे के क्षेत्रों में गंदगी और मलबा जमा हो गया है। जिलाधिकारी ने रामघाट का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सफाई निरीक्षक को अतिरिक्त मैनपावर लगाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि घाटों और आसपास के क्षेत्रों को जल्द साफ कराया जा सके और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। भारी बारिश और तेज बहाव से कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। मानिकपुर-सतना मुख्य मार्ग तथा टिकरिया रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को मौके पर लगातार निगरानी रखते हुए जल्द से जल्द आवागमन सामान्य कराने को कहा गया है।
पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल के निर्देश पर भाजपा युवा नेता सुनील सिंह पटेल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की मदद की। तरौंहा के छिपटहरी मोहल्ला, गोबरिया, कपसेठी, अमानपुर और डिलौरा-पड़री समेत विभिन्न स्थानों पर प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई गई। राहत कार्य में प्रधान प्रतिनिधि कपसेठी नरेंद्र सिंह पटेल, सभासद तरौंहा शिव प्रसाद कुशवाहा, शिवाकांत पांडेय, राघव निषाद, दीपक द्विवेदी, मनोज पटेल, लवलेश त्रिपाठी, अभिलाष सिंह, शक्ति प्रताप सिंह, राजकुमार त्रिपाठी और सुरेश कुशवाहा सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राहत एवं पुनर्वास कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। क्षति का सर्वे, राहत सामग्री का वितरण, सफाई, बिजली-पानी की व्यवस्था और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि क्षतिग्रस्त भवनों, पुलों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब चित्रकूट में चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित जीवन में वापस लाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करने की है।


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