चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों की चतुर्थ चरण की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद न्यायाधीश ने अधिकारियों को अधिक से अधिक ऐसे वाद चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिनका आपसी सुलह-समझौते के आधार पर लोक अदालत में निस्तारण संभव है। उन्होंने अधिकारियों से अपने विभागों के मामलों को चिह्नित कर पक्षकारों को कम से कम दो बार नोटिस तामील कराने और समझौते के माध्यम से निस्तारण का प्रयास करने को कहा। इस दौरान प्राधिकरण की
सचिव इला चैधरी ने बताया कि लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वाद, एनआई एक्ट की धारा 138, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक वसूली, विद्युत एवं जल अधिनियम, श्रम, पारिवारिक एवं वैवाहिक, भूमि अधिग्रहण, राजस्व-चकबंदी, किरायेदारी, सिविल, मनी रिकवरी और ई-चालान समेत विभिन्न मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन मामलों, विशेषकर पारिवारिक विवादों को भी इसमें शामिल किया गया है। बैठक में अपर जिला जज एफटीसी एवं लोक अदालत के नोडल अधिकारी राममणि पाठक, सिविल जज (सीडी) एवं सहायक नोडल अधिकारी सचिन कुमार दीक्षित, अग्निशमन अधिकारी पवन त्यागी, वरिष्ठ सहायक जिला समाज कल्याण विभाग केवला प्रसाद, पाॅलिटेक्निक काॅलिज से बीरेन्द्र सिंह, आबकारी निरीक्षक प्रणव कुमार पाण्डेय, बेसिक शिक्षा विभाग से राजेश कुमार, मत्स्य अधिकारी शेषनाथ सहित सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


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