20 सफाईकर्मियों के पहुंचने के बाद भी नालियां जाम
ऊपर-ऊपर सफाई कर कचरा किनारे छोड़ने का आरोप, सड़क पर जलभराव से हादसे का खतरा
पैलानी/बांदा, के एस दुबे । पैलानी डेरा में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। शनिवार सुबह करीब 20 सफाईकर्मी सफाई अभियान के तहत गांव पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई अभियान महज औपचारिकता बनकर रह गया। नालियों से सिर्फ ऊपर-ऊपर कचरा निकाल दिया गया, जबकि नीचे जमा गाद और गंदगी को नहीं हटाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों से निकाला गया कचरा भी सड़क और नाली के किनारे छोड़ दिया गया। बारिश होने या पानी बहने पर यही कचरा दोबारा नालियों में पहुंचकर उन्हें जाम कर सकता है। लोगों के मुताबिक सफाई के बाद भी नालियां पूरी तरह साफ नहीं हो सकीं।
आधी सड़क तक भर जाता है गंदा पानी
नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है और कई बार आधी सड़क तक जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर पानी और फिसलन के चलते दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिए भी हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार खुले नालों में कचरा गिरने से समस्या लगातार बढ़ रही है। बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के नाले में गिरने की आशंका भी बनी रहती है।
रोजाना हजारों लोगों का आवागमन
ग्रामीणों का दावा है कि यह क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है और यहां से प्रतिदिन करीब दो से तीन हजार लोगों का आवागमन होता है। लोगों का कहना है कि इसी रास्ते से मंत्री, एसडीएम, सचिव और ग्राम प्रधान सहित कई अधिकारी भी गुजरते हैं और जलभराव व गंदगी की समस्या उनके सामने भी आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नालियों की गहराई तक सफाई कराई जाए, निकाला गया कचरा तत्काल हटवाया जाए, खुले नालों को ढकने की व्यवस्था की जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि केवल एक दिन सफाईकर्मियों को भेजने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमित सफाई और नालियों की उचित व्यवस्था जरूरी है।


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