चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : रक्षाबंधन पर्व पर आयोजित सत्संग में संत बाबा उमाकांत महाराज ने गोहत्या बंद कराने के लिए शांतिपूर्ण प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश में गोहत्या रोकने की इच्छा रखने वाले गौशाला संचालक, संत-महात्मा, धार्मिक प्रतिनिधि और राजनीतिक लोग आपस में विचार-विमर्श कर एकजुट हों और जिम्मेदार लोगों तक अपनी बात शांतिपूर्वक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यदि सर्वसम्मति से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का कानून बन जाए तो गोहत्या बंद हो सकती है। उन्होंने आंदोलन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़, हड़ताल या खून-खराबे से
बचने की अपील की। कहा कि इस कार्य के लिए गृह मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत जिम्मेदार लोगों से मिलकर अपनी मांग रखी जानी चाहिए। बाबा उमाकांत ने कहा कि वह शांतिपूर्ण प्रयास करने वालों के पीछे खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि गोहत्या बंद होने और समाज में मांसाहार व नशे जैसी प्रवृत्तियां समाप्त होने पर सतयुग की किरण दिखाई देने लगेगी। उन्होंने सदाचार, स्वच्छता और अत्याचार मुक्त समाज की कल्पना रखते हुए लोगों से सकारात्मक बदलाव के लिए प्रयास करने का संदेश दिया।


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