रेशम की खेती से बदलेगी किसानों की तकदीर - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, August 21, 2026

रेशम की खेती से बदलेगी किसानों की तकदीर

मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 में 67 किसानों को मिला प्रशिक्षण

फतेहपुर, मो शमशाद । खेती के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अब रेशम उत्पादन को भी नई दिशा दी जा रही है। मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के तहत केंद्रीय रेशम बोर्ड के सीएसबी-ईआरईसी ने उत्तर प्रदेश रेशम विभाग के सहयोग से ग्राम धौरहरा में एरी रेशमकीट पालन पर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 67 किसानों ने हिस्सा लेकर वैज्ञानिक तरीके से एरी रेशमकीट पालन, अरंडी की उन्नत खेती और स्वच्छता व जैव-सुरक्षा की तकनीकें सीखीं।

कार्यक्रम में भाग लेते अधिकारी व उपस्थित किसान।

कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय रेशम बोर्ड की ओर से तैयार एरी रेशमकीट पालन संबंधी वीडियो के प्रदर्शन से हुई। इसके बाद किसानों को वैज्ञानिक एरी पालन, अरंडी की उन्नत खेती और उसकी आर्थिक उपयोगिता के साथ कीटाणुशोधन, स्वच्छता तथा जैव-सुरक्षा की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को व्यावसायिक स्तर पर एरी रेशमकीट पालन अपनाकर अतिरिक्त आय का जरिया विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. डीके जिज्ञासु वैज्ञानिक-डी ने किया। उन्होंने मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के उद्देश्यों और एरी रेशमकीट पालन की वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों से इसे व्यवसाय के रूप में अपनाने का आह्वान किया। ग्राम प्रधान राम विलास ने प्रशिक्षण कार्यक्रम पर खुशी जताते हुए गांव में एरी रेशम के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। रेशम विभाग के एसडीओ एसपी निगम ने उन्नत अरंडी उत्पादन तकनीक एवं उसकी आर्थिक उपयोगिता बताई। 


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages