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Wednesday, September 9, 2026

एक दिवसीय निःशुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर का हुआ समापन

कानपुर, प्रदीप शर्मा - वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक के निर्देशन में आयोजित एक दिवसीय निःशुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर का समापन मंगलवार को किया गया। यह शिविर आरोग्य क्लिनिक, सी.एस.जे.एम. यूनिवर्सिटी स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय बाल गृह कल्याणपुर एवं राजकीय बालिका गृह, स्वरूप नगर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन महिला फोरम, कानपुर की सचिव एवं आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक द्वारा लगभग 145 बच्चों को निःशुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया । शिविर के दौरान बच्चों एवं उनके अभिभावकों को वर्षा ऋतु के आगमन के साथ उचित आहार-विहार, स्वच्छता एवं आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण विधा है, जो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक मानी जाती है। भारतीय परंपरा


में वर्णित 16 संस्कारों में से एक इस संस्कार में प्रयुक्त औषधि स्वर्ण भस्म, वच, गिलोय, ब्राह्मी, गौघृत एवं मधु आदि द्रव्यों के समन्वय से तैयार की जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को डांटना या शारीरिक दंड देना उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अतः बच्चों का पालन-पोषण स्नेहपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नियमित स्वर्णप्राशन से बालक तेजस्वी, स्वस्थ एवं मानसिक रूप से सुदृढ़ बनते हैं। इस अवसर पर डॉ. वंदना पाठक ने वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि

 वर्षा ऋतु के दौरान ताजे एवं गर्म भोजन का सेवन करना बेहतर होता है। दाल, रोटी, सब्जियां, खिचड़ी, मौसमी फल तथा अच्छी तरह पकी हुई खाद्य सामग्री को भोजन में शामिल किया जा सकता है। फलों एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करना चाहिए। पीने के लिए स्वच्छ, फिल्टर किया हुआ अथवा उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मौसम में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, जैसे गोलगप्पे, चाट, कटे हुए फल, खुले में रखी मिठाइयां एवं अन्य अस्वच्छ खाद्य सामग्री के सेवन से बचना चाहिए। इस अवसर पर सुमन, संगीता सचान, सिस्टर ऊषा, डॉ. अनुराग मिश्रा तथा आरोग्य क्लिनिक, लालबंगला के धर्मेंद्र, सावित्री, निशा एवं शेखर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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