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Monday, September 14, 2026

किशोरियों ने लैंगिक भेदभाव के खिलाफ बुलंद की आवाज

दो दिवसीय प्रशिक्षण में मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, शिक्षा व समान अधिकारों पर दी गई जानकारी

फतेहपुर, मो शमशाद । किशोरियों को स्वास्थ्य, शिक्षा व अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के उद्देश्य से निशान वेलफेयर सोसाइटी की ओर से सनगांव पंचायत घर में दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दो दिवसीय आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किशोरियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संस्था की फील्ड मोबिलाइजर अल्ताशा परवीन, सलाहुद्दीन एवं राबिया, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर तूबा, प्रबंधक रुबिना परवीन व प्रशिक्षक मानसी ने किशोरियों को स्वास्थ्य शिक्षा एवं लैंगिक समानता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षक मानसी ने किशोरियों को स्वास्थ्य

दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापर पर संस्था के लोग।

के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, स्वच्छता सामग्री का उचित समय पर इस्तेमाल करने तथा पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वह दहाड़ता है। उन्होंने किशोरियों को शिक्षा को अपने सशक्तीकरण का माध्यम बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में लैंगिक भेदभाव और समानता पर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रशिक्षक ने कहा कि समाज के कई हिस्सों में आज भी लड़कियों को लड़कों की अपेक्षा कमतर समझने की सोच मौजूद है। केवल लड़का होने के आधार पर अधिक महत्व और अवसर देना लैंगिक असमानता को बढ़ावा देता है। किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य व समान अवसरों के प्रति जागरूक करते हुए भेदभावपूर्ण सोच को बदलने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किशोरियों ने खुलकर सवाल पूछे और स्वास्थ्य एवं लैंगिक समानता से जुड़े विषयों पर जानकारी हासिल की। कार्यक्रम के समापन पर सभी किशोरियों ने स्वयं जागरूक होने के साथ परिवार और आसपास के समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा तथा समानता का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया। संस्था के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को स्वस्थ एवं जागरूक बनाते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करना और समाज में समानता की भावना को मजबूत करना रहा।


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