अव्यवस्थाओं का बोलबाला, बच्चों के खेलने की नहीं उचित व्यवस्था
बांदा, के एस दुबे । कस्बे में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया मिनी स्टेडियम इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए स्टेडियम में व्यवस्थाओं का अभाव होने के कारण यह महज शोपीस बनकर रह गया है। स्टेडियम में बच्चों और युवाओं के खेलने के लिए पर्याप्त एवं उचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। खेल मैदानi और अन्य सुविधाओं के रखरखाव पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जसपुरा का मिनी स्टेडियम अपनी बदहाली के कारण उस उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से स्टेडियम की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराकर खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि जब स्टेडियम का निर्माण खिलाड़ियों के लिए किया गया है तो उन्हें खेलने और अभ्यास की समुचित सुविधा कब मिलेगी?


No comments:
Post a Comment