बांदा, के एस दुबे । बांदा-फतेहपुर राजमार्ग पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बांदा वन विभाग में कार्यरत एक लिपिक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह स्कूटी से अपनी ड्यूटी पर बांदा जा रहे थे। रास्ते में मुंगुस गांव के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद भाग रहे डंपर चालक को पीछा कर पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई। तिंदवारी कस्बे के भगवती नगर निवासी सेवानिवृत्त वनकर्मी अब्दुल वारिस के 40 वर्षीय पुत्र शाहिद सिद्दीकी बांदा वन विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत थे। सोमवार
सुबह वह रोज की तरह अपनी स्कूटी से बांदा ड्यूटी पर जा रहे थे। जैसे ही वह बांदा-फतेहपुर राजमार्ग पर मुंगुस गांव स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई और शाहिद का हेलमेट टूट गया। सिर व शरीर में गंभीर चोटें आने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आरोपी चालक डंपर लेकर मौके से भागने लगा। घटना स्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर डंपर और चालक को पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर मामले की विधिक जांच शुरू कर दी है। मृतक शाहिद सिद्दीकी अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार के मुख्य सहारा थे। उनकी शादी वर्ष 2008 में फरजाना से हुई थी, उनकी कोई संतान नहीं थी। हादसे की खबर मिलते ही पत्नी फरजाना और मां पतिया बेसुध हो गईं। अचानक हुए इस हादसे से पूरे तिंदवारी कस्बे और भगवती नगर में शोक की लहर दौड़ गई। रिश्तेदारों, सहयोगियों और स्थानीय लोगों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


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