बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत डाडामऊ निवासी पूर्व नौसेना अधिकारी रामकिशोर द्विवेदी का 85 वर्ष की आयु में बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन की खबर से गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। रामकिशोर द्विवेदी ने भारतीय नौसेना में चीफ अफसर के पद पर रहते हुए लंबे समय तक देश की सेवा की। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई बार वीरता पुरस्कार व सम्मान प्राप्त किए। उनकी उपलब्धियों से डाढामऊ गांव के साथ ही बांदा जनपद का नाम भी गौरवान्वित हुआ। रिश्तेदार राजू तिवारी
ने बताया कि रामकिशोर द्विवेदी ने पूरी नौकरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ की। शिवाकांत तिवारी ने कहा कि वह बेहद सरल और सज्जन स्वभाव के व्यक्ति थे। पद और प्रतिष्ठा के बावजूद उनमें किसी प्रकार का अहंकार नहीं था और वह सभी लोगों से सम्मानपूर्वक मिलते थे।
क्षेत्र निवासी अनुरोध सिंह ने बताया कि रामकिशोर द्विवेदी अपने समय में गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे। वह बच्चों को मेहनत करने और अपने परिवार, गांव व क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करते थे। परिजनों के मुताबिक उनका एक पुत्र जितेंद्र द्विवेदी है। वह भी नौकरी करते थे, लेकिन पिता के अकेले रहने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर घर की जिम्मेदारी संभाली। रामकिशोर द्विवेदी तीन भाइयों में से एक थे। उनके भाई शिवकुमार द्विवेदी और राजकुमार द्विवेदी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया।
रिश्तेदार गौरव द्विवेदी, शैलेंद्र द्विवेदी, डॉ. अनु, बृजेश और ओम द्विवेदी ने बताया कि रामकिशोर द्विवेदी को सेवाकाल में कई मेडल और महत्वपूर्ण पुरस्कार मिले थे। उन्होंने अपने कार्यों से बांदा और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। बीमारी के चलते निधन के बाद नौसेना की उनकी बटालियन से आए जवानों ने उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के साथ सलामी और फायरिंग कर अंतिम विदाई दी। उनका अंतिम संस्कार कानपुर के डुंडी घाट पर किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


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