शून्य एमडीआर व्यवस्था जारी रखने व जीएसटी में राहत की उठाई मांग
फतेहपुर, मो शमशाद । यूपीआई के माध्यम से होने वाले व्यापारिक लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने व्यापारिक लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क और उस पर लगने वाले जीएसटी को लेकर वित्त मंत्री, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा। व्यापारियों ने प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार कर राहत देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यूपीआई व डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल से नकदी प्रबंधन, परिवहन, एटीएम संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी लागत में कमी आई है। ऐसे में डिजिटल व्यापारिक लेनदेन पर अतिरिक्त मर्चेंट शुल्क लगाए जाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक भार बढ़ सकता है। व्यापार मंडल ने एमडीआर पर प्रस्तावित 18 प्रतिशत जीएसटी को लेकर भी चिंता जताई। पदाधिकारियों का कहना है कि छोटे व्यापारियों के
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| ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट में खड़े व्यापारी। |
लिए इस शुल्क पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अतिरिक्त राशि सीधे लागत और लाभ मार्जिन को प्रभावित करेगी। इससे कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों पर अधिक असर पड़ने की आशंका जताई गई। व्यापार मंडल ने व्यापारिक लेनदेन के लिए शून्य एमडीआर व्यवस्था बनाए रखने की मांग की। साथ ही शून्य एमडीआर की सीमा 2000 से बढ़ाकर कम से कम 10000 करने और छोटे व्यापारियों के लिए मासिक टर्नओवर की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करने का सुझाव दिया। शुल्क व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापारिक संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ समीक्षा बैठक करने की भी मांग की गई। इसके अलावा व्यापारियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहन, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता देने तथा जीएसटी, आयकर अनुपालन, बैंकिंग शुल्क और एमडीआर से जुड़ी समस्याओं के अध्ययन के लिए व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल कर समिति गठित करने की मांग रखी गई। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी, जिलाध्यक्ष मनोज साहू, श्रवण दीक्षित, प्रेमदत्त उमराव, जय किशन, संदीप श्रीवास्तव, सलामत अली, राजेंद्र, भंवर, सौरभ गुप्ता, इसराइल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


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