खारे पानी ने बढ़ाई मुश्किलें, महिलाओं-बच्चों को दूर से ढोना पड़ रहा पानी
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, टैंकर और बोरवेल की उठाई मांग
बांदा, के एस दुबे । सरकारी दावों के बीच अतर्रा तहसील क्षेत्र के बदौसा और दुबरिया गांव में पेयजल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घरों के सामने नल लगे हैं, लेकिन नलों में पानी नहीं। भूगर्भीय जल खारा होने से वह पीने के लायक नहीं है। नतीजा यह है कि भीषण गर्मी में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे ग्रामीण मंगलवार को आखिरकार एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल राहत की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बदौसा और दुबरिया में तत्काल टैंकर से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति कराने की मांग की। साथ ही बदौसा में बोरवेल कराकर स्थायी पेयजल स्रोत विकसित करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक दोनों गांवों में नियमित टैंकर भेजकर पानी उपलब्ध कराया जाए।
नल हैं, लेकिन पानी नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों के सामने पेयजल के लिए नल तो लगाए गए हैं, लेकिन लंबे समय से उनमें पानी नहीं आ रहा है। दूसरी ओर क्षेत्र का भूगर्भीय पानी खारा होने के कारण उसका इस्तेमाल पीने के लिए नहीं किया जा सकता। ऐसे में ग्रामीणों के सामने दूर से पानी लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। रोजमर्रा के घरेलू काम के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
मुक्तिधाम का हैंडपंप भी लंबे समय से खराब
ग्रामीणों ने बदौसा के मुक्ति धाम में लंबे समय से खराब पड़े हैंडपंप को भी ठीक कराने की मांग की। उनका कहना है कि क्षेत्र में जो भी हैंडपंप और पेयजल स्रोत खराब पड़े हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके। ग्रामीणों ने जल संस्थान, चित्रकूट धाम मंडल बांदा से भी तत्काल जलापूर्ति व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखे और समस्या का स्थायी समाधान कराए।
ग्रामीणों के बीच पहुंचे एसडीएम, दिया कार्रवाई का भरोसा
धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसडीएम अतर्रा शीलेंद्र मिश्रा ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। एसडीएम ने जल्द पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की बात कही। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, धरातल पर पानी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि बदौसा में बोरवेल और बदौसा-दुबरिया में टैंकर से नियमित जलापूर्ति शुरू होने तक उनकी समस्या दूर नहीं होगी।
ये रहे मौजूद
प्राणनाथ सोनकर, रज्जू वर्मा, शिवप्रसाद उर्फ शिवा, संतोष कुशवाहा, संयोग द्विवेदी उर्फ खतरा, राहुल तिवारी, गोरे लाल मिश्रा, बबलू सिंह, बल्लू सोनकर, हरिओम बाजपेई, रज्जू विश्वकर्मा, मोहन यादव, आनंद यादव, राकेश सोनकर, प्रभाकर सिंह, विमल विश्वकर्मा, चुनकी विश्वकर्मा, विनोद गुप्ता, हीरालाल, शिवा शिवहरे, बौद्धविलास रैकवार, अनुराग, शिवम तिवारी और अमित सोनकर सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।


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