सीएम के निर्देश पर छह प्रमुख सचिवों ने रामघाट का लिया जायजा
संतों-व्यापारियों से संवाद कर जानी समस्याएं
नुकसान के त्वरित आकलन और सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : मंदाकिनी में आई भीषण बाढ़ से चित्रकूट में हुए व्यापक नुकसान के बाद अब शासन ने पुनर्वास और पुनर्निर्माण की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोमवार को प्रदेश के छह वरिष्ठ प्रमुख सचिवों का दल चित्रकूट पहुंचा। अधिकारियों ने रामघाट पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय जायजा लिया और संतों तथा व्यापारियों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु, प्रमुख सचिव राहत ऋषिकेश भास्कर यशोद, प्रमुख सचिव लोक
निर्माण विभाग अजय चौहान, प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मिश्रम और प्रमुख सचिव सिंचाई अमित गर्ग ने रामघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के तेज बहाव से घाटों, आसपास के क्षेत्रों और व्यापारिक गतिविधियों को हुए नुकसान की जानकारी ली तथा संबंधित विभागों को क्षति का शीघ्र आकलन कर राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिवों ने कहा कि मुख्यमंत्री की चित्रकूट में हुई बाढ़ की तबाही पर विशेष नजर है। शासन का लक्ष्य प्रभावित लोगों को जल्द राहत देने के साथ रामघाट और अन्य क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को पहले से अधिक भव्य और दिव्य स्वरूप देना है। इसके लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई, राहत कार्य और रामघाट के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।


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