महाराणा प्रताप चौक पर जुटी भारी भीड़, आर्थिक न्याय और समान नागरिक संहिता की उठी मांग
बांदा, के एस दुबे । सवर्ण स्वाभिमान मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को बांदा के महाराणा प्रताप चौक पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। लगभग तीन हजार की विशाल जनमेदिनी की उपस्थिति में आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी एक्ट और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष द्विवेदी ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन श्याम सिंह एडवोकेट द्वारा किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए सवर्ण स्वाभिमान एवं विद्वत्समाज के प्रमुख राजा कृष्णकांत तिवारी ने कहा कि विभेदकारी कानूनों को समाप्त कर देश में संविधान की मूल भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ष्हमने सड़क पर आने में भले देर कर दी, लेकिन
अब यह श्आर्थिक न्याय आंदोलनश् रुकने वाला नहीं है, क्योंकि गरीबी किसी जाति विशेष तक सीमित नहीं होती। उन्होंने चिराग पासवान, स्वतंत्रदेव सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों के परिवारों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि संपन्न परिवारों को आरक्षण की क्या आवश्यकता है? उन्होंने स्पष्ट किया कि सवर्ण समाज पिछड़ा व दलित वर्ग के वास्तविक गरीबों का पक्षधर है।
सरकार की नीतियों और एक्ट के दुरुपयोग पर तीखे प्रहार संतोष द्विवेदी ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट पर सरकारें धनराशि देकर इसके दुरुपयोग को बढ़ावा दे रही हैं, जो वोट बैंक की अक्षम्य राजनीति है। राकेश बाजपेई विनम्र ने कहा कि वर्तमान आरक्षण प्रणाली से केवल कुछ खास परिवारों का विकास हुआ है, आम गरीबों का नहीं। जयराम सिंह बछेवरा ने कहा कि राजा (सरकार) को सभी प्रजाजनों को एक दृष्टि से देखना चाहिए। यह लड़ाई संविधान और समानता की है। एके सिंह ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा पर प्रकाश डाला। अजय कुमार तिवारी ने मांग रखी कि सरकार तुरंत श्सवर्ण आयोगश् और श्सनातन वैदिक हिंदू धर्म आयोगश् का गठन करे तथा सवर्णों व मंदिरों का धन हड़पना बंद करे। ठाकुर फूल सिंह जादौन व नरेंद्र सिंह परिहाररू उन्होंने कहा कि यूजीसी राजपत्र और एससी-एसटी एक्ट नैसर्गिक न्याय के खिलाफ हैं। संसद को समय रहते इन काले कानूनों को वापस लेना चाहिए। अनिल मिश्रा ने उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की शह पर सवर्णों को निशाना बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में सवर्ण स्वाभिमान के संयोजक अजय सिंह गौर एवं महासचिव विपिन दीक्षित ने आए हुए अतिथियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। सूरज अवस्थी ने कहा कि अधिकारों की लड़ाई का यह कारवां अब आगे ही बढ़ेगा।
जनसभा में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सबल सिंह, महासचिव सोनू त्रिपाठी, राजा भैया त्रिपाठी, बबलू द्विवेदी, राकेश सिंह, अरविंद चतुर्वेदी, उदयप्रताप सिंह श्डेविडश्, हरिओम दीक्षित, धर्मेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र मिश्रा, अरविंद सिंह, भोलानाथ मिश्रा, श्याम बाबू शिवहरे, विजय द्विवेदी छिबांव, कायस्थ महासभा अध्यक्ष दुर्गाचरण श्रीवास्तव, बब्बू सिंह, विजय बहादुर सिंह परिहार, सत्यदेव अवस्थी, प्रयागदत्त अवस्थी, ठाकुर जयराम सिंह, धर्मेंद्र सिंह चौहान, कुलदीप द्विवेदी, आनंद सिंह, मुकेश शुक्ला, धर्मेंद्र शुक्ला तिंदवारा, शशिकांत बाजपेई, राहुल सिंह, राहुल द्विवेदी, मुन्ना लाल वर्मा, मंदीप तिवारी, शिवम द्विवेदी श्त्रिवेणीश्, विवेक त्रिपाठी, रानू शुक्ला कनवारा, मैथिलीशरण अवस्थी सहित हजारों की संख्या में अधिवक्ता, समाज सेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे।


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