चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । ममता हेल्थ इंस्टिट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड संस्था ने प्रोजेक्ट जागृति कार्यक्रम के तहत ब्लाक शिवरामपुर के रसिन इंटर कालेज में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। किशोर अवस्था को संतुलित करने व स्वास्थ्य रखने के बारे में डॉ विष्णुदत्त पाण्डेय ने बताया कि कभी- कभी हमारे जिन्दगी की रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि हम अपने मन की आवाज को सुनना भूल जाते हैं। धीरे-धीरे तनाव, चिंता व उदासी जैसे भाव जीवन का हिस्सा बन जाते है। ये भावनायें शरीर को कई तरीकों स्वास्थ्य यानी मेंटल हेल्थ कहा जाता है।
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| छात्रों को जानकारी देते डॉक्टर। |
आजकल हर कोई मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात तो करता है, लेकिन इससे होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा नहीं करना चाहता। आज के समय में किसी को कोई परेशानी है तो वह चुप हो जाता है। मनुष्य को चुप रहने से क्षति ही होता है। आज के समय में लाखो लोग मानसिक स्वास्थ्य से जुडी चुनौतियों का सामना कर रहे है। इसलिए अपनी बात बताने से हो सकता है कि कोई आपकी सहायता कर सकता है। मेंटल हेल्थ जुडी समस्याओ का इलाज किया जा सकता है। इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने ममता संस्था के कार्यक्रम को सराहा।


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