अखंड हिंद फौज ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा
बांदा, के एस दुबे । अखंड हिंद फौज संस्था के पदाधिकारियों की अगुवाई में सोमवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि जो आजादी मिली है, वो नेता जी सुभाष चंद्र बोस की वजह से मिली है, जिसका खुलासा खुद ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री एडमंड ऐटली ने किया था। उन्होंने बताया कि नेता जी सुभाषचंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार का गठन किया था और उसके प्रथम प्रधानमंत्री वह स्वयं थे। इस सरकार को 10 दिन में 11 देशों ने मान्यता दे दी थी, जिनमें रूस और जर्मनी भी शामिल थे। लड़कर ली गई आजादी में स्वाभिमान था, खैरात में दी गईआजादी स्वामी के प्रति
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| सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते अखंड हिंद फौज पदाधिकारी। |
सेवक का धन्यवाद था। यदि ऐसा न होता तो भारत के प्रथम गवर्नर जनरल माउटबेटन क्यों होते। अखंड हिंद फौज ने बताया कि 21 अक्टूबर को भारत की ही नहीं बल्कि अनेकों देशों की आजादी निहित थी। अखंड हिंद फौज ने मांग की कि स्कूलों में प्रारंभिक सैनिक प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए, अखंड भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेता जी सुभाषचंद्र बोस को भारत रत्न और परमवीर चक्र एक साथ दिए जाने चाहिए। एनसीईआरटी की किताबों में कम से कम एक पेज नेता जी सुभाष चंद्र बोस के आजादी में अतुल्य योगदान के ऊपर हो। इंडियागेट के वार मेमोरियल पर आजाद हिंद फौज के शहीदों के नाम भी अंकित किए जाएं। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद तिवारी, अमित सेठ भोलू, शिवम, रोहित कश्यप, मयंक तिवारी, अनिकेश आदि मौजूद रहे।


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