आवागमन के लिए सड़क तक नहीं, परेशान हैं ग्रामीण
बबेरू, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद की बबेरू तहसील के ब्लॉक कमासिन स्थित ग्राम खटान से ग्रामीण भारत की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गांव के दौरे के दौरान जेडीयू प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के साथ प्रदेश सचिव जेडीयू महिला प्रकोष्ठ गरिमा सिंह पटेल, जेडीयू जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ पिंकी प्रजापति और जेडीयू जिला अध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ रामभवन पटेल मौजूद रहे। मौके पर पाया गया कि गांव का जूनियर विद्यालय लंबे समय से जर्जर हालत में है। पहले केवल एक अध्यापक तैनात था, हाल ही में दूसरा अध्यापक आया है, लेकिन भवन की स्थिति इतनी खराब है कि जूनियर
![]() |
| खटान गांव का जर्जर स्कूल भवन। |
विद्यालय के बच्चे भी प्राथमिक विद्यालय में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह वही स्कूल है जहां केवल गरीब किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, क्योंकि किसी अधिकारी या नेता का बच्चा इस सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ता। गांव की सड़कें इतनी खराब हैं,चार पहिया वाहन मुश्किल से पहुंच पाते हैं, ई‑रिक्शा तक नहीं जा सकता और नालियां कचरे से भरी हुई हैं। शालिनी सिंह पटेल ने जिला अधिकारी से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों और कर्मचारियों को हकीकत बताई। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट में बैठकर मीटिंग लेने से विकास नहीं होता। शालिनी सिंह पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह सवाल पूछती हैं तो सवाल तीखे लगते हैं और जवाब देने के बजाय फर्जी मुकदमे लिखवाए जाते हैं, लेकिन सवाल पूछना बंद नहीं होगा। उन्होंने चुनौती दी कि जो अधिकारी फर्जी विकास की बड़ी‑बड़ी बातें करते हैं, वे एक दिन खुला इंटरव्यू दें, क्योंकि सच्चाई सामने आई तो सारे पोल खुद‑ब‑खुद खुल जाएंगे।


No comments:
Post a Comment