धरनास्थल लबालब होने से प्रदर्शन कर गवर्नर को भेजा ज्ञापन
मोदी-योगी सरकारें सभी मोर्चों पर नाकाम-अरविन्द यादव
फतेहपुर, शमशाद खान । प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आहवान पर बेतहाशा बढ़ रही महंगाई सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदेश मुख्यालयों पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन जिले में इन्द्र देवता के प्रकोप के चलते निर्धारित स्थल नहर कालोनी में पानी से लबालब मैदान पर सम्पन्न नहीं हो सका। बारिश के चलते सिर्फ राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन ही उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जा सका। इसके बावजूद प्रसपाईयों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर ताकत का एहसास करा दिया। मुख्य अतिथि एवं जिले के प्रभारी/प्रान्तीय महासचिव अरविन्द यादव ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की सरकारों ने जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया। जिससे जनता अपने को ठगा सा महसूस कर रही है। उन्होने दोनों सरकारों को सभी मोर्चों पर विफल बताया।
| कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते प्रसपाई। |
निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पार्टी के जिलाध्यक्ष जगनायक सिंह यादव की अध्यक्षता में नहर कालोनी में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित था। धरने की सफलता को लेकर जिलाध्यक्ष जगनायक सिंह यादव की टीम ने हफ्ते भर गांव-गांव जनसम्पर्क करके भीड़ जुटाने का सफल प्रयास तो किया लेकिन सुबह से ही हो रही बारिश के चलते कार्यक्रम स्थल पर लगाया गया पण्डाल व कुर्सियां पानी से सराबोर हो गयीं। इतना ही नहीं मैदान भी पानी से लबालब हो गया। बारिश के चलते उत्साहित जिले भर के कार्यकर्ता व पदाधिकारी जिलाध्यक्ष जगनायक सिंह के सिविल लाइन स्थित आवास पर बड़ी संख्या में जमा हो गये। इन्द्र देवता की कृपा होते न देख अंत में दोपहर दो बजे सैकड़ों की तादाद में जिलाध्यक्ष के आवास से कार्यकर्ता व पदाधिकारी भीगते हुए सरकार विरोधी नारों के बीच कलेक्ट्रेट पहुंचे। बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन व विपक्षी दलों को अपनी ताकत का एहसास कराया। ज्ञापन देने से पहले मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव अरविन्द यादव ने पानी से सराबोर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए केन्द्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर बांण चलाये। उन्होने कहा कि दोनों ही सरकारों की नतियों से जनमानस अपने को ठगा महसूस कर रहा है। जिलाध्यक्ष जगनायक सिंह यादव ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने का दम्भ भरने वाली सरकारों ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और भी निचले स्तर पर पहुंचा दिया है। हाल ही में बिजली दरों में की गयी मूल्य वृद्धि का सर्वाधिक असर किसानों पर ही पड़ा है। जबकि औद्योगिक घरानों पर कम बोझ डाला गया है। प्रदेश महासचिव समरजीत सिंह व रामशरण यादव ने भी सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकारें सिर्फ और सिर्फ भावनाओं को आहत कर सत्ता में बने रहना चाहती हैं लेकिन अब प्रसपा ऐसा नहीं होने देगी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आ गयी है। कानून का राज खत्म होकर जंगल राज में तब्दील हो गया है। भाजपा नेताओं के इशारे पर थाने व चैकियां चल रही हैं। पीड़ितों को न्याय नहंी मिल रहा है। भ्रष्टाचार पिछली सरकारों के मुकाबले तीन गुना अधिक बढ़ गया है। इस मौके पर जिला महासचिव धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला उपाध्यक्ष अब्दुल मोईद कासमी, ओम प्रकाश यादव एडवोकेट, सुरेन्द्र सिंह परिहार, राजेश चैधरी, पंकज सहित बड़ी संख्या में प्रसपाई मौजूद रहे। पन्द्रह सूत्रीय ज्ञापन में पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही किसानों का टोल टैक्स समाप्त करने, बिजली दरों में की गयी बढ़ोत्तरी को वापस लेने, आवारा पशुआंे से हो रहे फसलों के नुकसान का मुआवजा दिये जाने, पेट्रोल डीजल को तत्काल जीएसटी के दायरे में लाने, सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने, वाहन चेकिंग में अवैध वसूली को बंद कराने, नौजवानों व बेरोजगारों को रोजगार के साथ ही बेरोजगारी भत्ता दिये जाने जैसी मांगे शामिल हैं।

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