अभियान में शामिल है बारह विभाग
बिजनौर, संजय सक्सेना - संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तीसरे चरण के दौरान जापानी इंसेफेलाइटिस के होस्ट सूअर के बाडो को चिन्हित कर आबादी से दूर किया जा रहा है , आम जन डेंगू , चिकनगुनिया और मलेरिया से ग्रसित न हो सके इसके लिए लार्वासाइड का नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्र में छिड़काव कराया जा रहा है । मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विजय कुमार यादव ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान की साप्तहिक समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को नियमित रूप से भेजी जा रही है । अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जुड़े बारह विभाग पूरे समर्पण भाव से सहयोग कर रहे है ।
जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण ने बताया संचारी रोग नियंत्रण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से ग्राम पंचायत, ब्लॉक, तहसील स्तर पर लगातार रैली का आयोजन किया जा रहा है, स्कूलों में बच्चो को पेन्टिंग प्रतियोगिता आयोजित कर प्रार्थना सभा में संचारी रोगो की शपथ दिलाई जा रही है । बुखार के रोगियों का शत प्रतिशत उपचार कराये जाने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर पांच बैड आरक्षित कराये गए है, कुपोषित बच्चो में से अति कुपोषित बच्चो को चिन्हित करके पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि जापानी इंसेफेलाइटिस रोग का सूअर प्रथम होस्ट है तथा बीमारी फ़ैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है इसके लिए आबादी से बाहर सूअर के बाड़े स्थानांतरित कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियो से सहयोग लिया जा रहा है । संचारी रोगो का संचरण न्यून हो जाये इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रो में साप्तहिक रूप से लार्वा साइड का छिड़काव कराया जा रहा है| वर्षा तथा दूषित जल वेक्टर जनित एवं संचारी रोगो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में लोगो को पीने के पानी को उबालकर ही प्रयोग में लाने की सलाह दी जा रही है । नगरीय क्षेत्रो के अंतर्गत आम लोगो को क्लोरीन युक्त पानी उपलब्ध कराने का नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद के अधिकारियो से आग्रह किया गया है।


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