जगह जगह हुए टेसू विवाह
फ़िरोज़ाबाद, विकास पालीवाल । मेरा टेसू यही अडा खाइवे को मांगे दही बड़ा.. जैसे गाने ग्रामीण ही नही बल्कि शहरी इलाकों में भी सुनने को नजर आ रहे थे। आज रविवार को टेसू पूर्णिमा पर जगह जगह टेसू - झंझी की शादी देखने को मिली। लोगों ने खूब इसका आनंद उठाया तथा महिलाओं ने गीत गाए । रविवार को पूरे दिन बच्चों के दल हाथों मे टेसुओं को लेकर गली-मौहल्लों में घूमतेे नजर आए और टेसू से जुडे मनमोहक लोक गीत
लोगो को सुना रहे है। पिछले कई दिनों से शाम होते ही बच्चों का टेसू व झांझी लेकर निकलने और गीत सुनाने का क्रम निरंतर जारी था । टेसू अटर करे टेसू बटर करे, टेसू लेके ही टेरै ...... , मेरा टेसू यही अडा, खाने को मांगे दही बडा.... आदि गीत सुनाकर बच्चे इस पुरातन भारतीय परंपरा को आगे बढा रहे है। झांझी बस गयी मेरी आंखन मे... आदि झांझी के गीत के साथ बच्चियों का झांझी पूजन आकर्षण का केन्द्र बना हुये थे। हिन्दू धर्म की साहलग शुरू होने का प्रतीक टेसू और झांझी का विवाह माना जाता है। मान्यता है कि टेसू और झांझी की शादी के साथ ही हिन्दू धर्म मे शादी -विवाह आदि धार्मिक कार्यों का आगाज हो जाता है। इस वार टेसू और झांझी पर भी महंगाई का ग्रहण नजर आया।


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