फतेहपुर, शमशाद खान । मानव लोक अधिकार सेवा संस्थान के बैनर तले विद्युत विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में सोमवार से नहर कालोनी प्रांगण में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया गया है। अनशनकारियों की मांग है कि मांग पत्र में लगाये गये आरोपों की जांच किसी अन्य विभाग के अधिकारी से कराकर संस्थान को भी अवगत कराया जाये।
| नहर कालोनी में अनशनकारी के साथ बैठे संगठन के पदाधिकारी। |
संगठन के बैनर तले शुरू किये गये आमरण अनशन के पहले दिन रमेश सिंह कछवाह व उमाशंकर शुक्ला के समर्थन में संस्थान के पदाधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला प्रमुख विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विद्युत विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। जिसके चलते किसानों व अन्य लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पांच सूत्रीय ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम टेनी के उमाशंकर का ट्रान्सफार्मर सात जनवरी को निकालकर भेज दिया गया। जिसे वापस दिलाया जाये। इतना ही नहीं अवर अभियन्ता हरिकेश व लाइनमैन सुरेन्द्र के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाये। किसानों के कनेक्शन के नाम पर ठेकेदार, लाइनमैन, एसएसओ, जेई, एसडीओ व अधिशाषी अभियन्ता की टीम द्वारा पचास से सत्तर हजार रूपये वसूले जा रहे हैं जबकि सरकारी शुल्क 26 से 30 हजार रूपये ही जमा होता है। धनराशि के बंदरबांट के बावजूद लाइन आर्डर नहीं दिया जाता। तत्पश्चात कुछ समय बीतने पर जेई किसानों पर चोरी का मुकदमा कायम करा देते हैं। जो अनुचित है। टीजी-2 कर्मचारियों को अपने मनमाफिक सभी अभियन्ताओं द्वारा कार्यालय में रखकर भ्रष्टाचार कराया जा रहा है। जबकि शासनादेश के मुताबिक टीजी-2 को पावर हाउस में भेजा जाये। किसानों और व्यापारियों को बिना नोटिस आरसी जारी किये जाने का भी विरोध किया गया है। यह भी बताया गया कि कामता देवी पत्नी दिग्विजय सिंह का कनेक्शन दो किलोवाट घरेलू से चार किलोवाट कामर्शियल की फीस जुलाई 2010 में जमा की गयी थी। इसके बाद भी फरवरी 2017 को बिल शो किया जा रहा है। उसी दिन जेई द्वारा चेकिंग रिपोर्ट भरकर फर्जी तरीके से चोरी दिखाते हुए दो लाख पचपन हजार रूपये की आरसी भेज दी गयी है। जिसे तत्काल वापस कराया जाये। इस मौके पर इं0 बीएम सिंह, रीता सोनी, शिवसागर साहू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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