फतेहपुर, शमशाद खान । जिला प्रशासन द्वारा जनपद को ओडीएफ घोषित किये जाने के दावों की उस समय पोल खुल गयी जब अमौली विकास खण्ड के बसफरा गांव के आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके बताया कि गांव के अस्सी फीसदी लोग अभी भी खेत में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पात्र लोगों को शौचालय मुहैया कराये जाने की गुहार लगायी है।
जिलाधिकारी को दिये गये शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत अभियान उनके गांव में जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। क्योंकि गांव के अस्सी फीसदी लोग अभी भी खेतों में शौच के लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान व सचिव बजट का अभाव बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जनपद को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। लेकिन हकीकत उनका गांव उदाहरण है। जहां पर पात्रों को शौचालय नहीं मुहैया कराये गये हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव का सर्वे कराकर पात्रों को शौचालय उपलब्ध कराये जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में शिवदत्त, दीनदयाल, गुलाब, मोहन, सुरेन्द्र सोनकर, राम बिहारी शंखवार सहित आधा सैकड़ा ग्रामीण मौजूद रहे।


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