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Thursday, June 4, 2020

ईविन एप से बचाई 10 लाख की वैक्सीन

कोल्डचेन स्टोर में तापमान घटने-बढ़ने की मिलती है सूचना 
जनपद में एक जिला स्तरीय व 10 ब्लाक स्तरीय कोल्ड चेन स्टोर हैं संचालित 

बांदा, के0 एस0 दुबे । कोरोना संक्रमण के चलते लाकडाउन में टीकाकरण न होने की वजह से टीकाकरण में उपयुक्त होने वाली विभिन्न वैक्सीन को सुरक्षित रखना स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इलेक्ट्रानिक्स वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ई-विन) प्रोग्राम इसमें बेहद मददगार साबित हुआ है। इस एप के जरिए जनपद में लाक डाउन की शुरुआत से अब तक 10 लाख रुपए कीमत की वैक्सीन को अनुपयोगी होने से बचाया गया है। 
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन प्रसाद ने बताया कि जनपद में एक जिला स्तरीय व हर पीएचसी/सीएचसी पर एक- कुल 10 ब्लाक स्तरीय कोल्ड चेन स्टोर हैं। सरकार की देखरेख में यूएनडीपी व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग चलाई जा रही ई-विन एप द्व्रारा सभी कोल्ड चेन में उपलब्ध वैक्सीन की आनलाइन निगरानी की जा रही है। इसके लिए जिला स्तर पर एक वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर व ब्लाक स्तर पर कोल्ड चेन हैंडलर नियुक्त किये गये हैं। साथ ही एप के जरिये टीके की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है। टीके के सुरक्षित भंडारण के लिए नियत तापमान की जरूरत होती है। नियत तापमान में कमी या वृद्धि के कारण टीके के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इस एप की मदद से यह कार्य आसान हो गया है। कोल्ड चेन में नियत तापमान में कमी या वृद्धि होने पर अलार्म बजने लगता है। साथ ही इसकी सूचना एप के जरिये कोल्ड चेन मेनेजर से लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी तक को प्राप्त हो जाती है।
इलेक्ट्रानिक्स वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क मशीन

वैक्सीन की अपडेटेड जानकारी के साथ बर्बादी और दुरुपयोग पर भी लगी लगाम   

बांदा। आरआई एआरओ राधा शर्मा का कहना है कि ई-विन मोबाइल एप से मॉनिटरिंग में टीकों की उपलब्धता की अपडेट जानकारी मिलती रहती है। किस सेंटर पर किस बीमारी के कितने टीके उपलब्ध हैं, वह  किस हालत में हैं और उनका कोल्ड चेन मेनटेन है या नहीं, पूरा विवरण होता है। वैक्सीन की स्टॉक में कमी होते ही उसकी तुरंत पूर्ति की जाती है। वहीं जिस वैक्सीन की अवधि पार तिथि (एक्सपायरी डेट) नजदीक आते ही उसे तुरंत काम में लिया जाता है। इससे वैक्सीन के बर्बाद होने की सम्भावना कम हुई है और उसके दुरूपयोग को रोकने में भी मदद मिली है। 
सुरक्षित वैक्सीन को देखते हुए अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मचारी

जिले में 18 आईएलआर व 22 डीप फ्रीजर

बांदा। वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर (वीसीसीएम) डा. अंजना पटेल ने बताया कि जनपद में 18 आईएलआर (आइस लाइन रेफ्रीजिरेटर) व 27 डीप फ्रीजर हैं। वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए आईएलआर का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। वहीं आईस पैक जमाने के लिए डीप फ्रीजर का प्रयोग किया जाता है जिसकी मदद से फील्ड में टीकाकरण के दौरान वैक्सीन सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। इसका तापमान 15 से 25 तक रहता है। सेंसर युक्त इलेक्ट्रानिक डिवाइस टेम्परेचर लागर से मैसेज या अलार्म के माध्यम से तापमान घटने-बढ़ने व डीप फ्रीजर बंद होने की जानकारी मिल जाती है। ऐसे में वैक्सीन को खराब होने से बचा लिया जाता है। 

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