एक माह में पांच सक्रिय अपराधी चिन्हित करने के दिए निर्देश
पीड़ितों की समस्या को अंतिम तक पहुंचाने का हो प्रयास
अपराधी स्वतंत्र रूप से बाहर न रहे, अन वर्कआउट केसों पर होगी कार्यवाही
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। पुलिस महानिरीक्षक चित्रकूटघाम परिक्षेत्र बांदा के. सत्यनारायण ने पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की उपस्थिति में राघव प्रेक्षागार में मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू हुए।
डीआईजी ने जिले में विगत दिनों में अपराधियों के विरुद्ध की गयी प्रभावी कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक की सराहना की। भविष्य में इसी प्रकार कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि परिक्षेत्र के समस्त थानों में आम आदमी को कुर्सी, पानी तथा समस्या सुनवाई का पर्याप्त समय दिया जाए। थानों में आम आदमी का सम्मान हो। कृत कार्यवाही से पीडित को अवगत भी कराएं। यदि कार्यवाही से पीड़ित संतुष्ट न हो तो समस्या के समाधान के लिए अंतिम तक प्रयास करें। कार्यावाही को अंतिम रुप तक पहुंचाया जाये। जनपद में टॉप-10, गैंग तथा सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर प्रभावी कार्यवाही की जाये। एक माह में पांच सक्रिय अपराधियों को चिन्हित किया जाये जो जमानत पर बाहर हों। जमानतदारों की जांच करायी जाये। झूठें जमानतदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही कर अपराधियों को स्वतंत्र रूप से बाहर न रहने दें। काजलिस्ट के अनुसार गंभीर अपराधों को छांट कर मुकदमें में गवाहों को पर्याप्त संरक्षण देते हुये न्यायालय में गवाही कराकर अपराधियों को सजा दिलाना तथा अपराधियों के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के अन्तर्गत 14(1) की कार्यवाही कर चल एवं अचल सम्पति को कुर्क कराने की कार्यवाही की जाये। मुख्य उद्देश्य अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। कहा कि जनपद में पांच अन वर्कआउट केस
की सूची बनाकर उन केसों को वर्कआउट कराना तथा जनपद में घटित महत्वपूर्ण अपराधों को नये सिरे से अनवेषण करें। जिसकी मानीटरिंग क्षेत्राधिकारियों करेंगें। अनवेषण में साक्ष्य इकट्टा करने, जेल भेजने तथा सजा दिलाने तक की कार्यावही की जायेगी। मफरूर अभियुक्त के विरुद्ध धारा 82, 83 सीआरपीसी की प्रभावी कार्यावाही में जनता के समक्ष मुनादी कराकर सामान जब्ति की कार्यावीही हो। कहा कि क्षेत्राधिकारी पांच महत्वपूर्ण शिकायत प्रार्थना पत्रों की जांच स्वयं केरेगे। जिसमें फाइल बनाकर सभी कार्यवाही का विवरण लिखा जायेग। कृत कार्यवाही का विवरण पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश किया जायेगा। कहा कि सभी विन्दुओं पर कार्य योजना महीने में एक से पांच तारीख तक तैयार कर लें। जिसकी सूची उचित माध्यम से उनके पास भेजी जाए। पूरे महीने उस पर प्रभावी कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरुप पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी नगर रजनीश कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी मऊ विजयेन्द्र द्विवेदी, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, पीआरओ, स्टेनों पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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| पत्रकारों से रूबरू होते डीआईजी, एसपी। |
शिकायतकर्ताओं से करें अच्छा व्यवहार
चित्रकूट। पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायण ने पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपराध एवं कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त थानों में शिकायतकर्ता के साथ अच्छा व्यवहार किया जाये। शिकायत को विनम्रतापूर्वक सुने। पीड़ित की शियायत का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण किया जाये। जिससे पीडित पूर्ण रुप से संतुष्ट हो जाये। जनपद में टॉप-10, गैंग तथा सक्रिय अपराधियों की विरुद्ध प्रभारी कार्यवाही की जाये। अभियान चलाकर वांछित, वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी करना सुनिश्चित करें। लम्बित विवेचनाओं का निस्तारण कराया जाये। गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरुप पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी नगर रजनीश कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी मऊ विजयेन्द्र द्विवेदी उपस्थित रहे।


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