जेआरडीयू में मनाया गया 20वां स्थापना दिवस
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। कोरोना महामारी काल में भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुपालन मे मास्क, सैनेटाइजर, डिस्टेंस का उपयोग करते हुए जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय का 20वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। आजीवन कुलाधिपति जगदगुरु रामभद्राचार्य व कुलपति प्रो योगेश चंद दुबे, निजी सचिव कुलाधिपति आचार्य रामचंद्र दास, कुलसचिव डा महेंद्र कुमार उपाध्याय ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। सरस्वती वंदना डा जयोति विश्वकर्मा व विशेष नारायण मिश्रा ने प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति पद्म विभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि शिक्षक, कर्मचारियों को कर्तव्य का पालन निष्ठा से करना होगा। तुम मुझे निष्ठा दो, मैं तुम्हें प्रतिष्ठा दूंगा। यह सूत्र जीवन में हमेशा याद रखें। कहा कि साकेतवासिनी बडी बहन बुआजी भौतिक संसार में नहीं है, लेकिन उनके कार्य ऐतिहासिक
धरोहर के रूप में विश्वविद्यालय और प्रकल्पों मे योगदान है। कोविड 19 महामारी से सभी लोगों को संक्रमित होने से बचना होगा। यह बहुत ही गंभीर बीमारी है। सभी अपने कार्य निष्पादन करें। इस विश्वविद्यालय का इतिहास है कि जो भी कार्य मैं संकल्प लिया है उसे भगवान अवश्य पुरा करते हैं। इसलिए जल्द ही आने वाले समय मे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनेगा। संत का हृदय बहुत ही कोमल होता है। वह सभी को क्षमा कर देता है। तुलसीपीठ के युवराज आचार्य रामचन्द्र दास को अपने सभी कार्य निष्पादन के लिए सौपा हैं। जिसे बहुत ही अच्छी तरह से निभा रहे हैं। छात्रों के प्रवेश संबंधित सभी प्रकार की जानकारी दें। दिव्यांग विश्वविद्यालय शब्द का उपयोग किया जाएगा। सरकारी गजट मे भी परिवर्तन सरकार ने कर दिया है। इस अवसर पर डीन डा विनोद कुमार मिश्रा, डा मनोज कुमार पांडेय, दलीप कुमार सहित शिक्षक, कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन डा शशिकांत त्रिपाठी ने किया। यह जानकारी पीआरओ एसपी मिश्रा ने दी है।
![]() |
| संबोधित करते कुलाधिपति। |


No comments:
Post a Comment